अमरावती के परतवाड़ा में सामने आए वीडियो स्कैंडल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे मामले का मुख्य केंद्र अमरावती शहर के कटोरा नाका क्षेत्र के पास स्थित कमल रेजिडेंसी का एक फ्लैट था, जहां आरोपी अयान ने अपना ठिकाना बना रखा था.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फ्लैट बिल्डिंग के तीसरे माले पर स्थित है. यहां अयान दिन-रात बेझिझक लड़कियों को लेकर आता-जाता था. उसी बिल्डिंग में दूसरे माले पर रहने वाले एक फ्लैट मालिक ने 'आजतक' से बातचीत में कई अहम खुलासे किए. उनका कहना है कि यहां अक्सर 18-19 साल की लड़कियां आती थीं और देर रात तक रुकती थीं. इस पर हमें शक हुआ तो हमने फ्लैट की मालकिन को जानकारी दी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया.
उन्होंने बताया कि आने-जाने वाले युवक-युवतियां अपनी पहचान छिपाने के लिए कभी बुर्का तो कभी दुपट्टा ओढ़कर आते थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल होता था. इस मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब हाल ही में पुलिस टीम इस फ्लैट पर पहुंची. उन्होंने कहा कि पुलिस के आने से पहले ही यहां रहने वाला मानव नाम का व्यक्ति ताला लगाकर फरार हो गया.
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स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है. दूसरी मंजिल पर रह रहे शख्स ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों पर एक्शन होना चाहिए. फ्लैट मालिक को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि बार-बार सूचना देने के बावजूद उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया. संभव है कि वे भी इस मामले में शामिल हों.
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं एक अच्छी सोसाइटी के माहौल को खराब करती हैं और बच्चों पर इसका गलत असर पड़ सकता है. फिलहाल पुलिस ने इस फ्लैट को अपने घेरे में ले लिया है. इसी फ्लैट को इस पूरे स्कैंडल का अहम ठिकाना माना जा रहा है. यहां कथित तौर पर अश्लील वीडियो बनाए जाते थे.
शोषण करते थे और बना लेते थे आपत्तिजनक वीडियो
बता दें कि अमरावती ग्रामीण पुलिस ने परतवाड़ा-अचलपुर क्षेत्र से जुड़े सनसनीखेज सेक्स स्कैंडल में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों- अयान अहमद, उजैर खान, मोहम्मद साद और तरबेज खान को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि ये लोग शहर में किराए के कमरे में युवतियों को बुलाकर उनका शोषण करते थे और अश्लील वीडियो बनाते थे. अब तक 8 पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 47 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
इस मामले की जांच की गई तो सामने आया कि मुख्य आरोपी ने शहर में एक कमरा किराए पर लेकर इस पूरे कांड का अड्डा बना रखा था. इसी जगह पर पीड़िताओं को बुलाया जाता था और वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे. पुलिस ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसने यह कमरा उपलब्ध कराया था. आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किए गए, जिनकी जांच जारी है. पुलिस अब डिलीट किए गए वीडियो रिकवर करने और इस नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुंचने में जुटी है.
धनंजय साबले