'तुम इतनी सुंदर हो...' 80 लाख के फ्रॉड केस में लॉकअप में बंद थी महिला, ASI ने कर दी डर्टी डिमांड

महाराष्ट्र के अकोला से एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद एक महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला ने जब इस मामले की शिकायत की तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. पीड़ित महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड मामले में लॉकअप में बंद थी.

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80 लाख के फ्रॉड केस में बंद थी महिला. (Photo: Representational) 80 लाख के फ्रॉड केस में बंद थी महिला. (Photo: Representational)

धनंजय साबले

  • अकोला,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

महाराष्ट्र के अकोला से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला आरोपी सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला की शिकायत के बाद विभाग में हड़कंप मच गया. आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया गया है, फिलहाल वह फरार है.

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दरअसल, महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड केस में सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एएसआई राजेश जाधव ने उससे आपत्तिजनक बातचीत करते हुए कहा कि तुम इतनी सुंदर हो, तुम्हारी बेटी भी सुंदर होगी. इसी के साथ आरोपी ने कई घिनौनी बातें कहीं.

इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए वहां मौजूद लेडी कॉन्स्टेबल से शिकायत की. मामला सामने आते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी एएसआई को ड्यूटी से हटा दिया.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए अकोला के एसएसपी अर्चित चांडक ने आरोपी एएसआई राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों को रवाना किया गया है.

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मामले की जांच कर रहे सीनियर पीआई अनिल जुमले ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. 

पूर्व महिला आयोग सदस्य डॉ. आशा मिरगे ने बताया कि एएसआई राजेश जाधव के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं. करीब 10 साल पहले उनके पारिवारिक विवाद और अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को लेकर शिकायत मिली थी. साथ ही एक महिला पुलिसकर्मी को प्रपोज करने का मामला भी सामने आया था.

डॉ. मिरगे ने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है. अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है. हालांकि इस मामले में अकोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, जो सराहनीय है.

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