अजित पवार का प्लेन कैसे हुआ क्रैश? बारामती विमान हादसे पर AAIB की जांच रिपोर्ट आई सामने

बारामती विमान हादसे में अजित पवार की मौत के एक महीने बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है. इसमें कम दृश्यता और एयरस्ट्रिप पर सुरक्षा खामियों को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

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एएआईबी की रिपोर्ट में बारामती विमान दुर्घटना में कम दृश्यता और सुरक्षा संबंधी खामियों को उजागर किया गया है, जिसमें अजीत पवार की मौत हुई थी. (Photo: ITG/@GFX) एएआईबी की रिपोर्ट में बारामती विमान दुर्घटना में कम दृश्यता और सुरक्षा संबंधी खामियों को उजागर किया गया है, जिसमें अजीत पवार की मौत हुई थी. (Photo: ITG/@GFX)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:02 PM IST

बारामती में हुए विमान हादसे में पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की मौत के एक महीने बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में हादसे के समय कम दृश्यता (Low Visibility) और बारामती एयरस्ट्रिप पर सुरक्षा संबंधी खामियों को प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है.

एएआईबी के मुताबिक, इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान यह दुर्घटना हुई. हादसे में अजित पवार के साथ विमान के दोनों पायलट, उनका सुरक्षा गार्ड और फ्लाइट अटेंडेंट भी मारे गए. यह दुर्घटना तब हुई जब चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि दुर्घटना के समय हवा की स्थिति सामान्य थी और दृश्यता करीब 3 किलोमीटर दर्ज की गई. 

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दुर्घटना से ठीक पहले कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में 'ओह शिट... ओह शिट' कहते पायलट की आवाज रिकॉर्ड हुई. हालांकि CVR आग में जलने के कारण डैमेज हुआ है और उससे डेटा निकालने के लिए मैन्युफैक्चरर हनीवेल (Honeywell) से तकनीकी सहायता ली जा रही है. जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी लिया जा रहा है. नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) के एनेक्स-13 के तहत एक मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि और तकनीकी सलाहकार नियुक्त किए हैं.

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बारामती विमान हादसे में कहां तक पहुंची जांच?

सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSFDR) का डेटा डाउनलोड कर उसका विश्लेषण किया जा रहा है, जबकि सॉलिड स्टेट कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (SSCVR) का डेटा नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की मदद से निकाला जाएगा. AAIB ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान को ऑपरेट करने वाली कंपनी वीएसआर वेंचर्स के कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए गए हैं. साथ ही अन्य हितधारकों से जुड़े दस्तावेजों और सबूतों की भी जांच की जा रही है.

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मलबे को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्तृत परीक्षण के लिए रखा गया है. विमान की एयरवर्थिनेस, संचालन और उड़ान सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं. अपनी सिफारिशों में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से कहा है कि ऐसे हवाई अड्डों पर लैंडिंग सहायता उपकरण और बुनियादी मौसम (MET) सुविधाओं को मजबूत किया जाए, जहां बड़ी संख्या में निजी, चार्टर्ड और वीआईपी उड़ानें संचालित होती हैं.

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साथ ही, इन एयरफील्ड्स को सुरक्षित और नियंत्रित संचालन के लिए लाइसेंस देने की संभावनाओं पर भी विचार करने की सलाह दी गई है. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने यह भी कहा है कि अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर विजुअल फ्लाइट्स रूल्स (VFR) उड़ानें संचालित करने वाले ऑपरेटरों को मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करना चाहिए और मौसम डीजीसीए के मानकों के अनुरूप होने पर ही उड़ानों की अनुमति दी जानी चाहिए. 

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