रांची के एक 13 साल के छात्र ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले इस छात्र ने NASA की vulnerability disclosure policy के तहत एक तकनीकी कमजोरी (vulnerability) का पता लगाया, जिसके बाद उसे ‘लेटर ऑफ रिकॉग्निशन’ और ‘हॉल ऑफ फेम’ में जगह दी गई है. इतनी कम उम्र में मिली इस सफलता से परिवार और स्थानीय लोग बेहद खुश हैं. परिजनों का कहना है कि बच्चे की मेहनत और लगन का यह परिणाम है, जिसने पूरे इलाके का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है.