मोबाइल की रोशनी में हुई डिलीवरी, मां और नवजात की मौत... किसने बरती लापरवाही? कमेटी करेगी जांच

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत हो गई. इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. परिजनों ने मोबाइल की रोशनी में डिलीवरी कराने का आरोप लगाया है. प्रशासन ने इस मामले को लेकर जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई है.

Advertisement
मोबाइल की रोशनी में डिलीवरी कराने का आरोप. (Photo: Representational) मोबाइल की रोशनी में डिलीवरी कराने का आरोप. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • सरायकेला,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

झारखंड के सरायकेला-खरसावां के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई. इस घटना को लेकर जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं. पूरे मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है.

एजेंसी के अनुसार, उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए सरायकेला के एसडीएम अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में टीम बनी है, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह और सदर अस्पताल से जुड़े वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. शिवलाल कुंकल भी शामिल हैं. जांच टीम को निर्देश दिया गया है कि वह घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपे.

Advertisement

मृतका के पति ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पत्नी को गुरुवार को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने दावा किया कि रात में प्रसव के दौरान अस्पताल में बिजली चली गई, जिसके बाद मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी कराई गई. आरोप है कि डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी और नवजात बेटे की मौत हो गई.

यह भी पढ़ें: Odisha: जब अस्पताल में अचानक से चली गई लाइट, कैंडल-मोबाइल की रोशनी में हुई महिला की डिलीवरी

पीड़ित ने कहा कि उनकी पहले से दो बेटियां हैं और यह उनका तीसरा बच्चा था. उन्होंने कहा कि पहले नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, लेकिन इस बार लापरवाही के कारण उन्हें पत्नी और बेटे दोनों को खोना पड़ा. उन्होंने इस मामले को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Advertisement

सीएचसी के प्रभारी ने पूरे मामले को लेकर क्या कहा?

उधर, राजनगर सीएचसी के प्रभारी डॉ. श्याम सोरेन ने बताया कि प्रसव के समय तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली चली गई थी. उन्होंने माना कि अस्पताल के सोलर सिस्टम में तकनीकी खराबी थी, जबकि इन्वर्टर और डीजल जनरेटर भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हाल ही में अस्पताल का कार्यभार संभाला है, इन उपकरणों की मरम्मत के लिए पहले ही कहा जा चुका था.

डॉ. सोरेन ने यह भी कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार प्रसव सामान्य था, लेकिन ज्यादा ब्लीडिंग (पोस्टपार्टम हेमरेज) के कारण महिला और नवजात की मौत हो गई. जांच टीम इन सभी बातों की गहराई से पड़ताल करेगी, जिसमें बिजली आपूर्ति बाधित और मेडिकल वजहें दोनों शामिल होंगे.

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, बावजूद इसके सरकार गंभीर नहीं है. फिलहाल, प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »