IMA झारखंड ने बाबा रामदेव को भेजा लीगल नोटिस, कहा- 14 दिन में माफी मांगे, नहीं तो करेंगे FIR

IMA झारखंड ने बाबा रामदेव को आयुर्वेद और एलोपैथी के बीच की लड़ाई बनाने की कोशिश करने, कोविड से जान गंवाने वाले डॉक्टरों का अपमान और एलोपैथिक इलाज पर सवाल सहित कई बिन्दुओं पर 14 दिन के अंदर लिखित गलती स्वीकार करने को कहा है, नहीं तो FIR दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है.

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स्वामी रामदेव (फाइल फोटो) स्वामी रामदेव (फाइल फोटो)

सत्यजीत कुमार

  • रांची ,
  • 05 जून 2021,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST
  • IMA झारखंड ने बाबा रामदेव को भेजा है नोटिस
  • डॉक्टरों की मौत के अपमान पर जताई आपत्ति
  • '14 दिन में नहीं मांगी माफी तो करेंगे FIR'

एलोपैथिक डॉक्टरों पर अमर्यादित टिप्पणी और कोरोना महामारी में मरने वाले डॉक्टरों का मजाक उड़ाने के मामले में झारखंड IMA ने बाबा रामदेव को लीगल नोटिस भेजा है.

IMA झारखंड ने बाबा रामदेव को आयुर्वेद और एलोपैथी के बीच की लड़ाई बनाने की कोशिश करने, मरने वाले डॉक्टरों का अपमान और एलोपैथिक इलाज पर सवाल सहित कई बिन्दुओं पर 14 दिन के अंदर लिखित गलती स्वीकार करने को कहा है, नहीं तो FIR दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है.

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हाल ही में आईएमए (IMA) झारखंड ने अपनी कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने हिस्सा लिया था. बैठक में बाबा रामदेव के द्वारा डॉक्टरों के प्रति अमर्यादित भाषा, दुष्प्रचार, कोरोना से मृत चिकित्सकों का मजाक उड़ाने और कोरोना वैक्सीन के प्रति दुष्प्रचार करने के मामले में यह निर्णय लिया गया.

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बैठक में निर्णय लिया गया कि बाबा रामदेव पर कानूनी कार्रवाई की जाए. कार्यकारिणी समिति ने झारखंड आईएमए के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह, महासचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और डॉ. शम्भू प्रसाद, अध्यक्ष , रांची आईएमए को कानूनी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया. इसी कड़ी में 4 जून को रामदेव को एक लीगल नोटिस भेजा गया है.

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झारखंड आईएमए के महासचिव डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि अगर 14 दिन के अंदर लीगल नोटिस का जवाब नहीं दिया गया, तो लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

इसी तरह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, उत्तराखंड ने भी रामदेव की कोरोनिल दवा का विरोध किया है. उतराखंड IMA ने पतंजली द्वारा कोरोनिल दवा को कोविड किट में शामिल किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है. IMA उत्तराखंड ने कहा है कि कोरोनिल को न तो WHO ने एप्रूव किया है और न ही ये केंद्रीय गाइडलाइन्स में शामिल है. ये कोई ड्रग या मेडिसिन नहीं है जैसा कि रामदेव द्वारा दावा किया जा रहा है.

 

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