'मुझे बलि का बकरा बनाया', बोले सोनम वांगचुक, लेह हिंसा के लिए सरकार ने ठहराया था जिम्मेदार

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर जारी आंदोलन बुधवार को हिंसा में बदल गया. लेह में हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 80 लोग घायल हुए. गृह मंत्रालय ने इस हिंसक प्रदर्शन के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया था. इस पर अब सोनम वांगचुक ने केंद्र पर निशाना साधा है.

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सोनम वांगचुक ने आशंका जताई कि उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है. (File Photo- PTI) सोनम वांगचुक ने आशंका जताई कि उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है. (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा और झड़पों के बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. गृह मंत्रालय ने दावा किया था कि वांगचुक ने युवाओं को भड़काकर हिंसा करवाई, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बलि का बकरा बनाने की रणनीति है ताकि लद्दाख की असल समस्याओं से ध्यान हटाया जा सके.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वांगचुक ने कहा कि सरकार चतुराई दिखा सकती है लेकिन यह बुद्धिमानी नहीं है. फोन पर दिए बयान में उन्होंने कहा कि जब युवाओं में पहले ही बेरोजगारी और असंतोष चरम पर है, तो हमें चतुराई नहीं बल्कि समझदारी की जरूरत है.

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है. वांगचुक ने कह, “मैं इसके लिए तैयार हूं, लेकिन जेल में सोनम वांगचुक सरकार के लिए बाहर वाले सोनम वांगचुक से ज़्यादा चुनौतीपूर्ण साबित होंगे.”

लेह में हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत

बता दें कि बुधवार को लद्दाख राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की मांग को लेकर जारी आंदोलन हिंसा में बदल गया. लेह में हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 80 लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों ने भाजपा दफ्तर और हिल काउंसिल को निशाना बनाया, वाहनों में आगजनी की. पुलिस ने हालात काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.

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बेरोजगारी और अधूरे वादों का नतीजा: वांगचुक

हिंसक प्रदर्शन के बाद वांगचुक ने कहा कि युवाओं का गुस्सा छह साल से जारी बेरोजगारी और अधूरे वादों का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नौकरी आरक्षण जैसी आंशिक बातों को उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि राज्य का दर्जा और पर्यावरण संरक्षण जैसे असली मुद्दे पांच साल की शांतिपूर्ण अपीलों के बावजूद अधूरे हैं.

हिंसा के बाद प्रशासन ने लेह में कर्फ्यू लगा दिया है. वहीं, वांगचुक ने अपने 15 दिन पुराने भूख हड़ताल को समाप्त करने का ऐलान किया.

गृह मंत्रालय ने हिंसा के लिए वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह आंदोलन वांगचुक के उत्तेजक बयानों और कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित व्यक्तियों की वजह से भड़का, जो सरकार और लद्दाखी समूहों के बीच चल रही बातचीत से संतुष्ट नहीं थे. मंत्रालय ने दावा किया कि बुधवार शाम तक स्थिति नियंत्रण में ले ली गई और लोगों से अपील की कि वे पुराने या भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर न फैलाएं.

केंद्र ने बताया कि लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ उच्च स्तरीय समिति (HPC) और उप-समिति के जरिए लगातार बातचीत चल रही है. अगली बैठक 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जबकि 25 और 26 सितंबर को भी अलग-अलग बैठकें निर्धारित हैं.

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लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बुधवार की घटनाएं किसी साज़िश का नतीजा थीं. जो लोग माहौल बिगाड़ने में शामिल हैं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

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