J-K: चिनाब नदी में पहली बार शुरू हुई ड्रेजिंग, बढ़ेगी बिजली स्टेशनों की क्षमता

सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद जम्मू-कश्मीर में हिमालयी नदियों के प्रबंधन में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है. चिनाब नदी में पहली बार ड्रेजिंग और गाद निकालने का काम शुरू किया गया है.

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सिंधु जल समझौता रद्द करने के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. (File Photo: PTI) सिंधु जल समझौता रद्द करने के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:13 AM IST

जम्मू-कश्मीर के रियासी में चिनाब नदी पर स्थित सलाल पावर स्टेशन में सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद पहली बार ड्रेजिंग और गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का काम शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने अब उन 6 अंडर स्लुइस गेटों को खोलने के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जिन्हें संधि के प्रावधानों के तहत पहले स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. 

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एजेंसी के मुताबिक, यह कदम हिमालयी नदियों की परिचालन क्षमता और बिजली स्टेशनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है. 

सलाल पावर स्टेशन के कार्यकारी निदेशक अनीश गौराहा ने बताया कि प्रभावी गाद मैनेजमेंट योजना के तहत अब उन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, जिनकी अनुमति संधि के प्रभावी रहने के दौरान नहीं थी.

बिजली स्टेशनों की बढ़ेगी लाइफ

सलाल पावर स्टेशन के कार्यकारी निदेशक अनीश गौराहा के मुताबिक, ड्रेजिंग के जरिए ज्यादा से ज्यादा गाद निकालने का टार्गेट है, जिससे मशीनों में होने वाली टूट-फूट को कम किया जा सके. 

हालांकि, बिजली उत्पादन में कितनी सटीक बढ़ोतरी होगी यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन इससे मशीनों के नुकसान में भारी कमी आएगी. अब सेडिमेंट मैनेजमेंट प्लान के तहत फ्लशिंग के जरिए गाद को साफ करने की योजना पर भी काम चल रहा है.

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यह भी पढ़ें: सिंधु समझौता सस्पेंड होते ही एक्शन में मोदी सरकार, चिनाब नदी पर सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

संधि हटने से मिली खुली छूट

अनीश गौराहा ने बताया कि जब तक सिंधु जल संधि लागू थी, तब तक नदी में ड्रेजिंग या 'ड्रॉ-डाउन फ्लशिंग' जैसी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं थी. पहले संधि की शर्तों के कारण कई महत्वपूर्ण गेट बंद रखने पड़ते थे, लेकिन अब निलंबन के बाद इन तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा रहा है. 6 अंडर स्लुइस गेटों का फिर से खुलना गाद प्रबंधन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा.

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