फारुक अब्दुला पर जानलेवा हमले की जांच के लिए SIT गठित, शादी समारोह में चली थी गोली

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी को आदेश दिए गए हैं कि वे जल्द और पूरी तरह से जांच करें और साजिश का पता लगाएं.

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जम्मू घटना के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित (फाइल फोटो) जम्मू घटना के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित (फाइल फोटो)

सुनील जी भट्ट

  • जम्मू,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस हाई-प्रोफाइल केस की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि हमले के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके.

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यह घटना पिछले बुधवार रात की है, जब फारूक अब्दुल्ला जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे. रात करीब 10 बजे जब वह बैंक्वेट हॉल से बाहर निकल रहे थे, तभी पीछे से एक बंदूकधारी ने उन पर गोलियां चला दीं. गनीमत यह रही कि वो इस हमले में बाल-बाल बच गए. वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने फुर्ती दिखाई और हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया. 

कौन है हमलावर और क्या मिला उसके पास?

पकड़े गए आरोपी की पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह के रूप में हुई है, जो जम्मू का ही रहने वाला है. पुलिस ने उसके पास से वह रिवॉल्वर भी बरामद कर ली है जिससे उसने गोली चलाने की कोशिश की थी. आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ की जा रही है. जम्मू के गंग्याल पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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SIT में कौन-कौन शामिल?

जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तुती ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक ताकतवर टीम तैयार की है. इस एसआईटी की निगरानी जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी करेंगे. टीम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय शर्मा के साथ-साथ कई अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. टीम में एसपी मुख्यालय इरशाद हुसैन राथर, डीएसपी अरविंद कुमार सांब्याल और कई तेजतर्रार इंस्पेक्टर शामिल हैं.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है, इसलिए एसआईटी को आदेश दिए गए हैं कि वे बिना वक्त बर्बाद किए जांच को पूरा करें. टीम को यह पता लगाना है कि क्या कमल सिंह ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गहरी साजिश है. पुलिस ने साफ किया है कि जांच को कानूनी समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जाएगा ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके.
 

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