सूरजकुंड झूला हादसा: जान गंवाने वाले SI को मिल चुका था मेडल, एक महीने बाद था रिटायरमेंट

सूरजकुंड मेले में एक झूले के टूटने से हादसा हो गया. जिसमें कई लोग घायल हो गए. जबकि झूले में फंसे घायलों को बचाने गए एक SI की मौत हो गई. जिस एसआई की मौत हुई है. उन्हें राज्यपाल मेडल से सम्मानित भी कर चुके हैं.

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मृतक एसआई जगदीश प्रसाद. (Photo: Screengrab) मृतक एसआई जगदीश प्रसाद. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • फरीदाबाद,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में शनिवार को एक झूला टूट गया था. जिसमें कई लोग घायल हो गए थे. वहीं घायल लोगों को बचाने के चक्कर में ड्यूटी पर तैनात 58 वर्षीय एसआई जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी. उन्हें 2019-20 में हरियाणा के राज्यपाल ने पुलिस मेडल से सम्मानित किया था.

एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि प्रसाद 1989 में हरियाणा आर्म्ड पुलिस में शामिल हुए थे. मार्च में 36 साल की सेवा पूरी करने के बाद रिटायर होने वाले थे. उन्होंने झूले में फंसे लोगों को बचाने की बहुत बहादुरी दिखाई, लेकिन इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं. जिससे उनकी मौत हो गई.

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हरियाणा डीजीपी ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का किया वायदा

शनिवार रात को हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने बहादुर इंस्पेक्टर के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की.  DGP ने कहा कि प्रसाद को शहीद का दर्जा दिया जाएगा. क्योंकि उन्होंने दूसरों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान कुर्बान की. आपको बता दें कि शनिवार शाम करीब 6 बजे जब झूला झुका और ज़मीन पर गिर गया, तब उसमें करीब 19 लोग बैठे थे. जिससे 11 लोग घायल हो गए थे. जिन्हें बचाने गए एसआई की मौत हो गई. 

हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि घायल लोग अब खतरे से बाहर हैं. अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति इस दुर्घटना की जांच करेगी और झूले वाले वेंडर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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2 आरोपी हुए गिरफ्तार

सूरजकुंड झूला हादसा मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें हिमाचल केयर फन केयर का मालिक शाकिर मोहम्मद और एक अन्य आरोपी नितेश शामिल है. जो झूला टूटा था उसका मालिक शाकिर मोहम्मद है. शाकिर का नाम FIR में भी दर्ज है.

प्रसाद की मौत से गांव में पसरा मातम

प्रसाद की अचानक मौत से उनके पैतृक गांव मथुरा ज़िले के डेंगरा में शोक की लहर है. उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है. दोनों बेटियां और बेटा अभी पढ़ाई करते हैं. प्रसाद के एक भाई प्रदीप टीचर हैं और अपने पिता सूरजमल और मां शांति देवी के साथ गांव में रहते हैं. उनके दूसरे भाई सतीश चंद्र बल्लभगढ़ में एक केमिकल फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि दूसरे भाई चंद्रभान सिंह फरीदाबाद में एक मोटर कंपनी में काम करते हैं.

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एसआई के टीचर भाई प्रदीप ने बताया कि हमें शनिवार रात 8 बजे यह खबर मिली. उनकी पत्नी सुधा अपनी दो बेटियों निधि और दीप्ति और बेटे गौरव के साथ सोनीपत पुलिस लाइंस में सरकारी क्वार्टर में रहती हैं. मेरे भाई को 2019-20 में राज्यपाल ने पुलिस मेडल से सम्मानित किया था. सूरजकुंड मेले में झूले से जुड़ा यह तीसरा ऐसा हादसा था, जिससे आयोजकों के सुरक्षा के दावों पर सवाल उठ रहे हैं.

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2002 में हुई थी एक व्यक्ति की मौत

सूरजकुंड मेले में 2002 में झूले के टूटने से हादसा हुआ था. जिसमें एक मौत हुई थी. इसके अलावा 2019 में भी की एक मौत हुई थी. 2002 में जब एक युवक की मौत हुई थी, तब कुछ सालों के लिए झूले बंद कर दिए गए थे. वहीं 2019 हादसे के बाद फिर झूले को बंद कर दिया गया था. लेकिन कमाई को देखते हुए फिर से झूलों को शुरू कर दिया गया.

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