करनाल में किसानों का 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाले SDM का तबादला

पिछले हफ्ते हरियाणा के करनाल में किसानों का 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाले SDM का तबादला कर दिया गया है. एसडीएम आयुष सिन्हा का 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया था और किसान संगठनों समेत कई राजनीतिक दल भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

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करनाल के एसडीएम का तबादला (फोटो-वीडियो ग्रैब) करनाल के एसडीएम का तबादला (फोटो-वीडियो ग्रैब)

सतेंदर चौहान

  • करनाल ,
  • 01 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:06 PM IST
  • आयुष का तबादला अतिरिक्त सचिव के तौर पर हुआ
  • अधिकारी का आदेश सही नहीं थाः मुख्यमंत्री खट्टर
  • किसान संगठन आयुष की बर्खास्तगी पर अड़े हुए थे

पिछले हफ्ते हरियाणा के करनाल में किसानों का 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाले SDM का तबादला कर दिया गया है. एसडीएम आयुष सिन्हा का 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया था और किसान संगठनों समेत कई राजनीतिक दल भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

करनाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान 'सिर फोड़ने' के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने उनकी भाषा की निंदा करते हुए इस पूरे मामले की जांच हरियाणा के गृह सचिव को सौंपी थी और आज ही गृह सचिव ने करनाल के उपायुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट ली थी जिसके बाद आज बुधवार को आयुष सिन्हा का तबादला अतिरिक्त सचिव के तौर पर कर दिया गया.

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आयुष सिन्हा 2018 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. हालांकि लाठीचार्ज का हुक्म देने वाले करनाल के एसडीएम ने बाद में माफी मांग ली थी लेकिन किसान संगठन बर्खास्तगी पर अड़े हुए थे.

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पिछले हफ्ते शनिवार को करनाल में लाठीचार्ज के बाद किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है. लाठीचार्ज के बाद हरियाणा के नूंह में आयोजित किसान महापंचायत में किसान नेता दर्शनपाल ने भड़काऊ बयान दे दिया.

अधिकारी के शब्दों का चयन नहीं ठीकः मनोहर लाल 

दर्शनपाल ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली का गला दबाना होगा. किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर तनातनी तेज होती जा रही है. हरियाणा सीएम मनोहर लाल ने हिंसा के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराया है तो किसान संगठनों ने सरकार को तालिबानी करार दिया.

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एसडीएम के विवादित आदेश पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा कि किसानों के ऊपर लाठीचार्ज करने का फैसला एक प्रशासनिक फैसला था. हालांकि अधिकारी का आदेश सही नहीं था. अधिकारी के शब्दों का चयन नहीं ठीक था. मीडिया को संबोधित करते हुए सीएम खट्टर ने कहा था, 'शब्दों का चयन ठीक नहीं था. हालांकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी थी.'

जब सीएम खट्टर से यह सवाल किया गया कि क्या उनकी सरकार ने करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ कोई एक्शन लिया है या नहीं लिया है. उन्होंने कहा, 'मैंने पूरे प्रकरण पर एक रिपोर्ट मांगी है. ऐसी क्या परिस्थितियां थीं, जिनकी वजह से पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़प हुई है.'

क्या कहा था एसडीएम आयुष सिन्हा ने?

करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा ने अपने उस बयान के लिए माफी मांग ली है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारी किसानों को सिर फोड़ दो. तब उन्होंने कहा था, 'यह बहुत सिंपल और स्पष्ट है. कोई कहीं से हो, उसके आगे नहीं जाएगा. अगर जाता है तो लाठी से उसका सिर फोड़ देना. कोई निर्देश या डायरेक्शन की जरूरत नहीं है. उठा-उठा कर मारना. हम किसी भी तरह से सिक्योरिटी ब्रीच नहीं होने देंगे. हमारे पास पर्याप्त फोर्स है.'

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