हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग ने महज फरवरी और मार्च के बीच देशभर में करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है.
बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी एक नहीं,बल्कि 5 तरह की धोखाधड़ी में माहिर थे. इनमें इंवेस्टमेंट फ्रॉड, लोन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर स्लेवरी और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड शामिल हैं.
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 4 लाख रुपये कैश, 11 स्मार्टफोन और 2 एक्टिव सिम कार्ड बरामद किए हैं.
पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह लोगों को निवेश के नाम पर झांसा देता था और कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था. ये आरोपी 'साइबर स्लेवरी' क्रेडिट कार्ड फ्रॉड और फर्जी 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए भी लोगों को अपना शिकार बनाते थे.
ऑनलाइन धोखाधड़ी से बटोरे 40 करोड़
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को जांच में पता चला कि इस गैंग के खिलाफ पूरे भारत में 3,571 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं. इस नेटवर्क से जुड़े कुल 96 मामले पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं. जांच में ये भी साफ हुआ कि इस गिरोह ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लगभग 40 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं.
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साइबर अपराध शाखा के एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी गुरुग्राम में भी कई वारदातों में शामिल थे. उन्होंने कहा, 'पकड़े गए आरोपी गुरुग्राम के साइबर अपराध साउथ पुलिस स्टेशन में 12 मामलों और साइबर अपराध पश्चिम पुलिस स्टेशन में 2 मामलों में शामिल थे. हम फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं.'
डिजिटल फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में आप किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर अपनी निजी जानकारी साझा करें.
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