हरियाणवी डांसर मोनिका चौधरी ने शनिवार को गाजियाबाद की लोनी पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके भाई को अशोक विहार पुलिस चौकी में गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा. साथ ही उन्हें कानूनी मदद से भी वंचित रखा. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.
चौधरी ने इस मुद्दे पर हिंदू समुदायों से समर्थन न मिलने का भी ज़िक्र किया और कहा कि वह इस्लाम धर्म अपनाने का इरादा रखती हैं. डांसर ने बताया कि वह अपने भाई की तलाश कर रही थीं और उन्हें उनके ठिकाने के बारे में तभी पता चला जब उन्हें एक फ़ोन कॉल आया. उन्होंने कहा कि स्थानीय BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर के दखल के बाद उनके भाई को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया.
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चौधरी ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उनके भाई को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने अपनी हिरासत के बारे में कोई भी जानकारी दी, तो उन्हें "गंभीर अंजाम" भुगतने पड़ेंगे. इस डर को ज़ाहिर करते हुए कि पुलिस उनके भाई को झूठे मामलों में फंसा सकती है. डांसर ने कहा कि उन्हें लोनी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय मिलने की सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं.
मामले में पुलिस उपायुक्त ने क्या कहा?
इस बीच एक बिना तारीख वाले वीडियो में चौधरी को पत्रकारों से यह कहते हुए देखा गया कि उन्हें हिंदू समुदाय और स्थानीय हिंदू संगठनों से कोई समर्थन नहीं मिला. इसलिए वह इस्लाम धर्म अपनाने के बारे में सोच रही हैं.
पूरे मामले में संपर्क किए जाने पर पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि एक व्यक्ति, जिस पर स्थानीय झगड़े में शामिल होने का शक था. उसे पूछताछ के लिए अशोक विहार पुलिस चौकी लाया गया था. झगड़े के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी और कुछ पड़ोसी उस व्यक्ति को इस घटना के सिलसिले में पुलिस चौकी ले आए थे. हालांकि, तिवारी ने कहा कि उस व्यक्ति का चौधरी के साथ कोई खून का रिश्ता नहीं है.
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