गुजरात के वडोदरा जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. वाघोडिया तालुका के कागडीपुरा गांव में एक विशालकाय मगरमच्छ ने एक युवक को अपना शिकार बना लिया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है. जानकारी के मुताबिक कागडीपुरा गांव निवासी मिथुन महेशभाई वसावा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. गुरुवार को वह देव नदी के किनारे पानी पीने गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही मिथुन नदी किनारे झुककर पानी पीने लगा, तभी पानी में छिपे बैठे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया.
बताया जा रहा है कि युवक कुछ समझ पाता उससे पहले ही मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया. घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ नहीं कर सके. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मिथुन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. वह मजदूरी कर अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा बना हुआ था. बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी मातम पसरा हुआ है.
बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा छिना
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. वन विभाग की टीमें युवक के शव की तलाश में जुटी हुई हैं. ग्रामीणों का कहना है कि देव नदी में मगरमच्छों की संख्या काफी अधिक है और पहले भी यहां ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
वडोदरा में मगरमच्छ का आतंक
घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है. वहीं व्यारा ग्राम पंचायत के सरपंच भूपतभाई पटेल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाता तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी. सरपंच के मुताबिक घटना की जानकारी तुरंत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और पुलिस को दी गई थी, लेकिन डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से तलाटी की रिपोर्ट आने के बाद ही रेस्क्यू शुरू करने की बात कही गई. फिलहाल पूरे गांव में शोक की लहर है और लोग युवक के शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
aajtak.in