गुजरात के सूरत में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है. लिंबायत इलाके में बच्चों पर कुत्तों के हमले की घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जबकि पीपोदरा इलाके में कुत्ते के काटने से घायल ढाई साल का बच्चा अस्पताल में भर्ती है. बीते 48 घंटे में दो मासूम बच्चों पर हुए हमलों ने शहर में डर का माहौल पैदा कर दिया है और सूरत नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पहली घटना सूरत शहर के लिंबायत क्षेत्र के खानापुर इलाके की बताई जा रही है, जो 18 मई की है. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि बच्चे घर के बाहर गली में खेल रहे थे और माहौल सामान्य था. तभी अचानक कई आवारा कुत्ते वहां पहुंच गए और देखते ही देखते तीन कुत्तों ने बच्चों पर हमला कर दिया. इस हमले में एक बच्चे के हाथ पर गंभीर चोटें आईं. घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया.
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हमले की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और बाद में यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस घटना के बाद इलाके में बच्चों और परिजनों में दहशत फैल गई.
पीपोदरा में ढाई साल के बच्चे पर हमला
दूसरी घटना सूरत जिले के पीपोदरा इलाके से सामने आई. बुधवार सुबह करीब 9 बजे ढाई साल का मासूम प्रियांश घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया. कुत्ते ने बच्चे के गाल पर काट लिया और उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं.
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंची और किसी तरह उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया. घायल बच्चे को तुरंत सूरत के नई सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है. बच्चे के पिता नीलेश भाई ने बताया कि उनका बेटा शिवानी पाइप्स के पास खेल रहा था, तभी कुत्ते ने हमला कर दिया. उनके अनुसार कुत्ते की संख्या इलाके में बहुत ज्यादा है और हमलावर कुत्ता रेबीज से संक्रमित था.
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उन्होंने कहा कि इलाके में कुत्ते लोगों को परेशान करते हैं और यहां कोई कार्रवाई नहीं होती. परिवार में केवल वे, उनकी पत्नी और उनका बेटा रहते हैं.
नगर निगम के दावों पर सवाल
इन दोनों घटनाओं ने सूरत शहर और जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है. नगर निगम द्वारा कुत्तों के बधियाकरण और नियंत्रण को लेकर किए जा रहे दावे अब सवालों के घेरे में हैं. लोगों में सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे इस समस्या का शिकार बनते रहेंगे.
सूरत नगर निगम के मार्केट सुपरिटेंडेंट डॉक्टर दिग्विजय राम ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. वर्ष 2021-22 से 16 मई 2026 तक 64 हजार 929 कुत्तों को पकड़ा गया, जिनमें से 58 हजार 885 की नसबंदी की गई और 62 हजार 814 को नियमानुसार वापस छोड़ा गया.
उन्होंने कहा कि 2023-24 और 2024-25 में अभियान सबसे तेज रहा और वर्ष 2026-27 में अब तक 1 हजार 815 कुत्तों को पकड़ा गया तथा 1 हजार 684 का ऑपरेशन किया गया है. हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है.
संजय सिंह राठौर