अहमदाबाद की हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली साबरमती सेंट्रल जेल से एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां आजीवन कैद की सजा काट रहा कैदी मालदे रामाभाई परमार जेल से फरार हो गया. फरार होने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक मालदे रामाभाई परमार को हत्या और पॉक्सो मामले में 9 मई 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.
पहले उसे पोरबंदर जेल में रखा गया था, जिसके बाद उसे राजकोट सेंट्रल जेल भेजा गया. बाद में बीमारी के कारण 16 नवंबर 2025 को उसे अहमदाबाद साबरमती सेंट्रल जेल के बड़ा चक्कर यार्ड नंबर 4 में शिफ्ट किया गया था. जेलर देवदत्तसिंह गोहिल के अनुसार 11 मई को जब बड़ा चक्कर यार्ड नंबर 4 में कैदियों की गिनती की गई तो कुल 33 कैदियों में से केवल 32 कैदी मौजूद मिले.
हत्या और पॉक्सो केस में सजा काट रहा था कैदी
जांच के दौरान पता चला कि कैदी मालदे रामाभाई परमार गायब है. इसके बाद जेल स्टाफ ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. जेल प्रशासन ने बताया कि बाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर बड़ा खुलासा हुआ. 11 मई की सुबह करीब 10:10 बजे कैदी को यार्ड नंबर 4 से निकलकर सीधे मुख्य गेट की तरफ जाते हुए देखा गया. फुटेज में यह भी दिखा कि उसने गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान भटकाकर वहां से फरार होने में सफलता हासिल कर ली.
घटना के बाद जेल स्टाफ ने आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद राणिप पुलिस स्टेशन में जेलर द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई है. पुलिस के अनुसार यह गंभीर सुरक्षा चूक का मामला है, क्योंकि साबरमती सेंट्रल जेल को हाई सिक्योरिटी जेल माना जाता है. ऐसे में उम्रकैद के कैदी का मुख्य गेट से फरार हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस ने शुरू की तलाश
राणिप पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया कि कैदी जिस दिशा में भागा है, उस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया जा रहा है. जेल प्रशासन भी अब पूरे मामले की आंतरिक जांच कर रहा है कि आखिर कैदी यार्ड से निकलकर मुख्य गेट तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा में चूक कहां हुई.
अतुल तिवारी