मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आया फैसला बरकरार रहेगा या उन्हें इस राहत मिल जाएगी. इसका निर्णय आज होने जा रहा है. गुजरात हाईकोर्ट इस मामले में आज फैसला सुनाएगी. कोर्ट सुबह 11 बजे निर्णय सुनाएगी. मानहानि के इस केस में आदेश देने के साथ ही सुबह गुजरात हाईकोर्ट अपने कामकाज की शुरुआत करेगी.
दरअसल, सूरत की अदालत का फैसला राहुल गांधी के खिलाफ आने के बाद उन्होंने गुजरात HC में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी. गुजरात हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था और वेकेशन बाद फैसला देने की बात कही थी.
BJP विधायक ने किया था केस
बता दें कि सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि केस मे 2 साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ राहुल गांधी गुजरात हाइकोर्ट गए थे. साल 2019 के चुनाव में जनसभा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के बयान पर गुजरात के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ केस किया था.
...तो पलट सकता है मामला
यदि कल राहुल के खिलाफ आए सूरत की कोर्ट के सजा के फैसले पर रोक लग जाती है, तो कांग्रेस नेता की अयोग्यता का मामला पलट सकता है. राहुल गांधी वर्तमान में संसद सदस्य के रूप में 2+6 साल के लिए निलंबित हैं. अगर निलंबन पर रोक नहीं लकती है तो राहुल गांधी के पास गुजरात हाई कोर्ट की ही उच्च पीठ के सामने अपील करने का विकल्प रहेगा.
लिली थॉमस केस में आया था फैसला
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2013 और 2018 में ऐतिहासिक लिली थॉमस और लोक प्रहरी फैसलों में कहा था कि अगर सजा निलंबित कर दी जाती है और अपीलीय अदालत दोषसिद्धि पर रोक लगा देती है, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत किसी विधायक की अयोग्यता को पलटा जा सकता है. अकेले सजा के निलंबन से विधायक के रूप में अयोग्यता को पलटा नहीं किया जा सकता. यह जरूरी है कि अपीलीय अदालत भी अयोग्यता को निलंबित करने के मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगा दे.
क्यों हुई थी राहुल को सजा?
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, 'कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?' राहुल के बयान को लेकर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ धारा 499, 500 के तहत आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था. अपनी शिकायत में बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया था कि राहुल ने 2019 में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पूरे मोदी समुदाय को कथित रूप से यह कहकर बदनाम किया कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?
(इनपुट: बृजेश दोषी)
गोपी घांघर / नलिनी शर्मा