गुजरात में क्लर्क की भर्ती परीक्षा परीक्षा में पेपर लीक को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही हैं. विपक्षी पार्टी इस मामले में गौण सेवा पंसदगी मंडल के चेयरमैन असित वोरा के इस्तीफे पर अड़ा हुआ है.
गौण सेवा पंसदगी मंडल के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सत्ताधारी दल बीजेपी के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष गोपाल इटालिया समेत 70 लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं पर साजिश रचने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है. ऐसे में आम आदमी पार्टी के नेताओं की जमानत याचिका रद्द होने के बाद कांग्रेस के गुजरात प्रभारी गुलाब सिंह यादव और महेश सवाणी ने कलेक्टर ऑफिस के बाहर अनशन करने का ऐलान कर दिया. इससे पहले की वो वहां पहुंच पाते पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया.
सरकारी नौकरी में भर्ती की उम्मीद के साथ 88 हजार से भी ज्यादा छात्रों ने गुजरात गौण सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था लेकिन दूसरे ही दिन छात्र नेता युवराज सिंह ने दावा किया कि पश्न पत्र को पहले ही लीक किया जा चुका है.
हालांकि 10 दिनों बाद राज्य सरकार ने भी ये स्वीकार कर लिया की परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र लीक हो चुका था. इसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया. गौण सेवा पंसदगी मंडल के जरिए बीते पांच साल में ली गयी यह चौथी परीक्षा है जिसका पेपर लीक पहले ही हो गया.
गौण सेवा पंसदगी मंडल के चेयरमैन असित वोरा के इस्तीफे की मांग के साथ कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया है.
फिलहाल पेपर लीक कांड को लेकर गुजरात सरकार चारों तरफ से घिर गई है. छात्रों की नाराजगी का फायदा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का ना मिले इसलिए राज्य सरकार की तरफ से डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास भी किया जा रहा है. यही वजह है कि विरोध प्रदर्शन के शुरू होते ही गुजरात सरकार ने भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला कर लिया.
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री ने भी असित वोरा के साथ मीटिंग की है. विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है.
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