यूनाइटेड नेशन की नौकरी, 2016 में दिल्ली वापसी… बुजुर्ग दंपति ने 15 दिन में गंवाए 15 करोड़, डिजिटल अरेस्ट की कहानी

साउथ दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में रहने वाले संयुक्त राष्ट्र (UN) से रिटायर्ड डॉ. ओम तनेजा और डॉ. इंदिरा तनेजा को साइबर ठगों ने 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. इस दौरान ठगों ने 14.85 करोड़ रुपये इस बुजुर्ग दंपति से ठग लिए. फर्जी पुलिस, नकली कोर्ट, जज और जाली अरेस्ट मेमो के जरिए इतना डराया गया कि बुजुर्ग अपने ही घर में कैद हो गए.

Advertisement
अमेरिका से लौटे बुजुर्ग डॉक्टर दंपत्ति ने गंवाए 15 करोड़. (Photo: ITG) अमेरिका से लौटे बुजुर्ग डॉक्टर दंपत्ति ने गंवाए 15 करोड़. (Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

साइबर ठगी की हैरान कर देने वाली ये कहानी दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश की है. यहां बुजुर्ग डॉक्टर दंपति एक मकान में रहते हैं. डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा दोनों ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में वर्षों तक नौकरी की. अमेरिका में लंबे करियर के बाद वे साल 2016 में भारत लौटे और दिल्ली में शांति से जिंदगी जी रहे थे. 15 दिनों में साइबर ठगी का शिकार होकर करीब 15 करोड़ रुपये गंवा दिए.

Advertisement

दरअसल, 24 दिसंबर 2025 को इस बुजुर्ग कपल के पास एक फोन कॉल आया. फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े एक बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग में हुआ है. इसके कुछ ही मिनटों बाद एक और वीडियो कॉल आया... स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी में बैठे लोग, पीछे दिल्ली पुलिस का लोगो और गंभीर चेहरों वाले अधिकारी. फिर खेल शुरू हुआ.

यहां देखें Video

साइबर ठगों ने डॉक्टर दंपति से कहा कि वे अब डिजिटल अरेस्ट हैं. घर से बाहर निकलना, किसी से बात करना, फोन काटना... सब कुछ अपराध माना जाएगा. हर पल उन्हें वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया. डर यहीं खत्म नहीं हुआ.

यह भी पढ़ें: किराए पर WhatsApp अकाउंट और कमीशन का लालच, मार्केट में आया नया साइबर फ्रॉड

अगली वीडियो कॉल में एक नकली कोर्ट, जज दिखाई दिया. काला कोट, पीछे कोर्ट जैसा सेटअप, दीवार पर तस्वीरें... सब कुछ असली जैसा. कुर्सी पर बैठे ठग ने कहा कि अगर आप सहयोग नहीं करेंगे तो तुरंत गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती होगी. यह देश का पहला ऐसा मामला था, जिसमें साइबर अपराधियों ने न सिर्फ फर्जी पुलिस, बल्कि नकली सुप्रीम कोर्ट और जज भी बनाया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: प्रयागराज: साइबर ठगी का शिकार होने से बची बुजुर्ग महिला, बैंक स्टाफ ने 1 करोड़ 20 लाख के फ्रॉड से बचाया

जब डॉक्टर तनेजा को शक हुआ और उन्होंने दिल्ली पुलिस के एक स्थानीय SHO से बात करने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने उसी SHO को वीडियो कॉल पर धमका दिया. नकली जज ने कहा कि यह मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है और स्थानीय पुलिस इसमें दखल नहीं दे सकती.

डॉ. तनेजा पूरी तरह टूट चुके थे. 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक पूरे 15 दिन डॉक्टर कपल अपने घर में डिजिटल कैद में रहे. साइबर अपराधियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. कभी जांच शुल्क, कभी जमानत, कभी कोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए गए.

हर बार फर्जी दस्तावेज भेजे गए. अरेस्ट मेमो, कोर्ट के आदेश, बैंक नोटिस, सरकारी जैसी दिखने वाली सील... सब कुछ नकली, लेकिन बेहद प्रोफेशनल. 15 दिनों में उनके अकाउंट से 14 करोड़ 85 लाख रुपये चले गए. वह पैसा जो उन्होंने UN में दशकों की मेहनत से कमाया था.

विदेश में रहते हैं बुजुर्ग दंपति के बच्चे

डॉक्टर दंपति के बच्चे विदेश में रहते हैं. यह बुजुर्ग दंपति ग्रेटर कैलाश के घर में रहते हैं. जब इस कपल को एहसास हुआ कि वे ठगे जा चुके हैं, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल साइबर यूनिट से संपर्क किया. दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. बैंक ट्रांजेक्शन, IP एड्रेस, कॉल रिकॉर्ड, फर्जी दस्तावेज सबकी जांच चल रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement