अभिभावकों को किसी खास विक्रेता से किताबें-यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव बनाने का मामला दिल्ली सरकार तक पहुंच गया है. इसे लेकर आप सरकार ने सख्ती दिखाने और कड़ी कार्रवाई के साथ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाने की बात कही है. दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने रविवार को कहा, इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और कार्रवाई की जाएगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया सवाल
बता दें कि, दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने रविवार को कहा कि माता-पिता को किसी विशिष्ट विक्रेता से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उनके सामने ये मुद्दा उठाया गया था. इस पर उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय को इस मामले में शिकायतें मिल रही हैं और इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे.
हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा मंत्रालय
उन्होंने कहा कि "कई निजी स्कूल अभिभावकों पर उनसे वर्दी और किताबें खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं. शिक्षा निदेशालय को इस मुद्दे पर शिकायतें मिल रही हैं. हम एक या दो दिन में इस मामले पर दिशानिर्देश जारी करेंगे." उन्होंने कहा, "इस मामले में एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी करेंगे, ताकि लोगों की शिकायत हम तक पहुंच सके. इस तरह के कार्यों में लिप्त पाए जाने वाले स्कूलों को फिर से सख्त कार्रवाई के साथ दंडित किया जाएगा और उनकी मान्यता भी खो सकती है."
इससे पहले दिन में शिक्षा मंत्री ने एससीईआरटी द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में 5,000 सरकारी स्कूल शिक्षकों के साथ बातचीत की.
कौशल विषय शुरू करने के दिए हैं निर्देश
बता दें कि दिल्ली सरकार, दिल्ली में शिक्षा के प्रति खुद को प्रतिबद्ध दिखाने की कोशिश करती आई है. इसके परिणाम स्वरूप कई खामियों को सुधारते हुए सरकार ने स्कूलों में नए प्रयोग भी किए हैं. अभी हाल ही में सरकारी स्कूलों के प्रमुखों को शैक्षणिक सत्र 2023-24 से नौवीं और दसवीं कक्षा में एक कौशल विषय (Skill Subject) शुरू करने को कहा गया है. निर्देश के मुताबिक अब नौवीं और दसवीं कक्षा के प्रत्येक छात्र को शैक्षणिक सत्र 2023-24 से कौशल विषय में पंजीकृत करना होगा. इसके अलावा, संबंधित स्कूलों के प्रमुखों को एलओसी (उम्मीदवारों की सूची) को अंतिम रूप देने से पहले बोर्ड परीक्षा 2024 में शामिल होने वाले दसवीं कक्षा के छात्रों के मामले को सीबीएसई के साथ उठाने का भी निर्देश दिया गया है.
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