जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में 5 जनवरी की शाम हमले का मामला सामने आया था. इस हिंसा को कई नकाबपोश लोगों ने अंजाम दिया था. चेहरा कवर कर लोगों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ और मारपीट की थी. वहीं, इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने आज 9 लोगों की पहचान कर जवाब मांगा, जिसमें जेएनयू की अध्यक्ष आइशी घोष का भी नाम शामिल है.
हालांकि, इस बीच आजतक ने एक स्टिंग ऑपरेशन में ये खुलासा किया है कि इस हिंसा में कौन लोग शामिल थे. साथ ही स्टिंग में वे लोग हिंसा भड़काने की बात को स्वीकार करते भी नजर आ रहे हैं. आजतक के स्टिंग में हिंसा फैलाने वालों में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ता अक्षत अवस्थी के साथ रोहित शाह ने भी हिंसा में शामिल होने को स्वीकार किया है.
एबीवीपी कार्यकर्ता हमले के दौरान हेलमेट पहना हुआ था. उसने बताया कि 20 लोग जेएनयू के और 20 बाहर से बुलाए गए थे. अक्षत जेएनयू में बीए फ्रेंच फर्स्ट ईयर का छात्र है. वहीं, बीए फ्रेंच के फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट रोहित शाह भी इस हमले में शामिल था.
'बताया कि ये एबीवीपी का रूम है'
रोहित शाह सवाल के जवाब में कह रहे हैं कि बिल्कुल मुझे गर्व है कि जेएनयू में लेफ्ट के स्टूडेंट को मारा. रोहित ने कहा कि अगर ऐसा नहीं करते तो वे पता नहीं और क्या-क्या कर सकते थे. रोहित ने कहा कि हमले में हमारे भी रूम के शीशे तोड़ दिए गए थे, लेकिन हमने बताया कि ये एबीवीपी का रूम है. रोहित ने भी स्वीकारा कि हमले में 20 एबीवीपी के लोग शामिल थे. वहीं, स्टिंग देखने के बाद दिल्ली पुलिस ने इसे अपनी जांच में भी शामिल करने का फैसला लिया है.
स्टिंग ऑपरेशन में अक्षत अवस्थी कहते दिख रहे हैं कि उसके हाथ में डंडा था और कई लोगों को उसने पीटा. अक्षत अवस्थी ने बताया कि पहले पेरियार में हमला हुआ. उसके बाद वहां से लोग साबरमती हॉस्टल की तरफ भागे. तब साबरमती में भी हमला किया गया. अक्षत ने कहा कि लेफ्ट छात्रों को अंदाजा भी नहीं था कि एबीवीपी पलटवार करेगा.
अक्षत ने स्वीकार किया कि हॉस्टल में उसने कई लड़कों को पीटा. एक लड़के की दाढ़ी थी और वो कश्मीरी लग रहा था, वहां मैंने लात मारकर दरवाजा भी तोड़ दिया था. वहीं हमले की प्लानिंग के बारे में अक्षत ने बताया कि उसने एबीवीपी के संगठन के सचिव को फोन किया, वो दोस्त है. उसके साथ पूरी प्लानिंग की. अक्षत ने ये भी कहा कि लोगों की जुटाने का काम उसका ही था. उसने ही सभी की लामबंदी की. अक्षत ने बताया कि उसने पूरे प्रकरण को सेनापति की तरह हैंडल किया.
नितिन जैन / जमशेद खान