G20 समिट: विदेशी मेहमानों का मन मोह लेगी 'गांधी सेल्फी वाटिका', जानिए इसकी खासियत

G20 की बैठक से पहले दिल्ली में गांधी सेल्फी वाटिका बनाई गई है. इसमें महात्मा गांधी की 12 फीट ऊंची चरखा चलाते हुए प्रतिमा लगाई गई है. इसके अलावा गांधी जी की बेंच पर बैठे, साइकिल चलाते, दो बच्चों के साथ और भजन करते हुए भी मूर्तियां लगाई गई हैं. इसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. 

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महात्मा गांधी के साथ सेल्फी लेते विजय गोयल (फाइल फोटो) महात्मा गांधी के साथ सेल्फी लेते विजय गोयल (फाइल फोटो)

सुशांत मेहरा

  • दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली में G20 की बैठक को लेकर सरकार जोर-शोर से तैयारी कर रही है. इसी क्रम में गांधी सेल्फी वाटिका बनाई गई है. राजघाट के पास स्थित इस वाटिका में विदेशी मेहमान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ सेल्फी ले सकेंगे. इसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी.

दरअसल, G20 की तैयारी के मद्देनजर विदेशी मेहमानों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व के प्रति आकर्षित करने के लिए खास गांधी सेल्फी वाटिका बनाई गई है. इसमें विदेशी मेहमान अपने मोबाइल से सेल्फी ले सकेंगे. इसे लेकर गांधी दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने बताया कि गांधी दर्शन को 50 साल के बाद पहली बार मुख्य द्वार राजघाट के साथ रिंग रोड पर खोला गया है. जहां बड़े अक्षरों में 'गांधी दर्शन म्यूजियम' लिखा हुआ है. 

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महात्मा गांधी की 12 फीट ऊंची प्रतिमा

गोयल ने कहा कि ये प्रसन्नता की बात है कि G20 के मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा डेलीगेट्स और पर्यटकों के लिए हमने 'गांधी दर्शन' के मुख्य द्वार के पास 'गांधी सेल्फी वाटिका' बनाई है. राजघाट का जो मुख्य द्वार खोला गया है वहां G20 के 20 देशों के झंडे लगाए गए हैं. मुख्य द्वार के बाहर 'गांधी सेल्फी वाटिका' में 12 फीट ऊंची महात्मा गांधी की चरखा चलाते हुए प्रतिमा लगाई गई है.

इसका उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. फिर गांधी सेल्फी वाटिका का अवलोकन करेंगी, जहां युवा और बच्चे इन मूर्तियों के साथ सेल्फी ले सकेंगे. इसके अलावा गांधी जी की बेंच पर बैठे, साइकिल चलाते, दो बच्चों के साथ और भजन करते हुए भी मूर्तियों का अवलोकन होगा.

'चरखे के जरिए महात्मा गांधी ने लाई थी क्रांति'

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उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी चरखा चलाते थे और उसके जरिए ही उन्होंने देश में क्रांति लाई थी. तभी देश आजाद हुआ था. महात्मा गांधी को लोगों से बातचीत करने और उनकी मान की बात सुनने का शौक था. वो कहीं पर भी बैठकर लोगों से बातचीत करते थे. यही नहीं वो योग के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करते थे. उन्हें बच्चों से भी लगाव था. उनके आदर्श को ध्यान में रखते हुए तमाम मूर्तियां लगाई गई हैं.

मोदी जी की प्रेरणा से किए गए काम- गोयल

उन्होंने आज तक से खास बातचीत में कहा कि जब प्रधानमंत्री ने उनकी नियुक्ति वाइस चैयरमेन के रूप में की थी, तब कहा था कि गांधी जी की शिक्षा का प्रचार और प्रसार करने के लिए नए-नए कार्यक्रम आयोजित करने हैं. ये काम मोदी जी की प्रेरणा से ही किए गए हैं. उम्मीद है कि G20 शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के जो प्रतिनिधि आएंगे, वे भी यहां आकर सेल्फी ले सकेंगे. यहां झूले भी लगाए जाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे.

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