ऑनलाइन गेम से की कमाई, उसे लड़कियों पर उड़ाई… IRS की बेटी के कातिल का ये कैसा शौक 

दिल्ली के अमर कॉलोनी मर्डर केस में आरोपी राहुल मीणा की जिंदगी के चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ऑनलाइन गेम से कमाए पैसों ने उसकी आदतें बिगाड़ दी थीं. वह नई-नई लड़कियों पर भी बहुत पैसा खर्च करता था. IRS के यहां जहां वह पहले काम करता था उस घर की पूरी जानकारी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया.

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आराेपी राहुल मीणा के बारे में पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं (Photo: ITG) आराेपी राहुल मीणा के बारे में पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं (Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

साउथ ईस्ट दिल्ली के अमर कॉलोनी में हुई सनसनीखेज हत्या ने लोगों को चौंका दिया है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राहुल मीणा के शौक बड़े ही अजीब है. उसे ऑनलाइन गेम खेलने की बहुत ही बुरी आदत है. इनसे कमाए पैसे को वह लड़कियों पर खर्च करता था. उसे नई-नई लड़कियों के साथ रहना पसंद था. वह पैसा देकर कई लड़कियों को बुलाता था.  

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पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में सामने आया है कि यह अपराध अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे एक बिगड़ती सोच, गलत आदतें और अपराध की तरफ बढ़ता झुकाव लंबे समय से मौजूद था. दिल्ली पुलिस ने घटना वाले दिन ही रात में आरोपी राहुल मीणा को द्वारका इलाके से गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के बाद देर रात तक चली पूछताछ में जो बातें सामने आईं, उन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी शुरुआत में वारदात को लूटपाट बताने की कोशिश करता रहा, लेकिन जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, उसकी कहानी में कई परतें खुलती चली गईं. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी का व्यवहार सामान्य अपराधियों से अलग था. उसमें पछतावे से ज्यादा चालाकी और छिपाने की कोशिश दिख रही थी.

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घर की हर जानकारी और उसी का फायदा

राहुल मीणा पहले उसी घर में काम कर चुका था, जहां उसने यह वारदात की. यही वजह थी कि उसे घर की बनावट, एंट्री पॉइंट, लॉक सिस्टम और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को यह पता था कि लड़की के माता-पिता सुबह के समय घर से बाहर जाते हैं. उसने इसी समय को चुना. सुबह वह बिना किसी शक के बिल्डिंग में दाखिल हुआ और सीधे उस हिस्से में पहुंचा, जहां युवती पढ़ाई कर रही थी. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले लड़की को काबू में करने की कोशिश की. लेकिन जब उसे विरोध मिला, तो वह हिंसक हो गया. कमरे में मौजूद सामान का इस्तेमाल कर उसने हमला किया, जिससे लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई. पुलिस का मानना है कि इसके बाद अपराध ने और भी खतरनाक रूप ले लिया. हालांकि, जांच एजेंसियां अभी भी मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर घटनाक्रम को अंतिम रूप देने में जुटी हैं.

लूट या कुछ और? पुलिस की नजर में बड़ा सवाल

आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि उसका मकसद लूट था. लेकिन पुलिस को यह कहानी पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं लग रही. सूत्रों के मुताबिक, जिस तरीके से आरोपी सीधे स्टडी एरिया में पहुंचा और समय का चयन किया, उससे यह संकेत मिलता है कि वह पहले से ही सोचकर आया था कि उसे कहा जाना है. जांच अधिकारी इस एंगल पर भी काम कर रहे हैं कि क्या आरोपी की नजर पहले से ही लड़की पर थी.

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ऑनलाइन गेमिंग की भी तल 

इस केस का सबसे अहम पहलू आरोपी राहुल मीणा की पृष्ठभूमि है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल मीणा ऑनलाइन ‘तीन पत्ती’ जैसे गेम खेलता था और वहीं से पैसे कमाता था. शुरुआत में यह एक साधारण आदत थी, लेकिन धीरे-धीरे यह उसकी जीवनशैली बन गई. आसान पैसे ने उसकी सोच को बदल दिया. मेहनत से कमाने के बजाय वह शॉर्टकट्स की तरफ बढ़ता गया. जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल उस पैसे का इस्तेमाल गलत कामों के लिए करता था.

सूत्र बताते हैं कि उसे महिलाओं के साथ संबंध बनाने की आदत पड़ चुकी थी. ऑनलाइन गेम से कमाए पैसे से वह ऐसे संबंधों में लिप्त रहता था. धीरे-धीरे यह आदत उसकी मानसिकता पर हावी हो गई. जानकारों का कहना है कि शायद यही वजह रही होगी कि दिल्ली की घटना को अंजाम देने से पहले उसने राजस्थान के अलवर में एक महिला के साथ रेप किया था. बताया जा रहा है कि इसके बाद महिला को धमकाकर वहां से फरार हो गया और सीधे दिल्ली पहुंचा. अगले ही दिन उसने अमर कॉलोनी में यह वारदात कर दी. यह क्रम बताता है कि राहुल का व्यवहार एक पैटर्न की ओर इशारा कर रहा है, जो अचानक नहीं बना, बल्कि धीरे-धीरे विकसित हुआ.

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घटना के बाद भागने की कोशिश

वारदात के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए कई कोशिशें कीं. उसने घर से सामान लेकर भागने की योजना बनाई और अपने कपड़े भी बदल लिए, ताकि पहचान छिपाई जा सके. लेकिन पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर उसे ट्रैक कर लिया. आखिरकार 22 अप्रैल की रात को उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल डेटा और आरोपी के पिछले रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस केस में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.

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