दिल्ली सरकार राजधानी के लोगों को स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए पूरी पानी की पाइपलाइन बदलने की योजना पर काम कर रही है, जिस पर करीब 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. दिल्ली सरकार में जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े इलाकों में काम शुरू हो चुका है और अब तक 9 विधानसभा क्षेत्रों में पाइप लाइन बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पीने के पानी की करीब 16,000 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन है, जिसमें से 95 फीसदी को बदलने की जरूरत है. सरकार का लक्ष्य है कि मौजूदा कार्यकाल में 30 फीसदी पाइप लाइन बदली जाए और डेढ़ साल के भीतर पूरी दिल्ली की पाइप लाइन बदलने के लिए टेंडर अवार्ड कर दिए जाएं. अगले 3 वर्षों में पूरी पाइप लाइन बदलने का लक्ष्य रखा गया है.
गंदे पानी से लाखों लोग परेशान
दिल्ली के कई इलाकों में पीने के गंदे पानी से लाखों लोग परेशान हैं. इस बारे में जलमंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि ये समस्या कोई आज की नहीं है. कई दशक से सरकारों ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया. दिल्ली में 20-30 साल पुरानी और जर्जर पाइप लाइन बिछी हुई है. लीकेज की समस्या आ रही है, जिससे पानी गंदा हो रहा है.
उन्होंने बताया कि सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने पर काम कर रही है. लेकिन ये काम एक दिन में नहीं हो सकता. समस्या कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हमें तकरीबन 95% पाइप लाइन बदलनी पड़ेगी. इसकी शुरुआत चंद्रावल प्लान से हो गई है. लेकिन पूरी दिल्ली की पाइप लाइन बदलने में तकरीबन 3 साल का वक्त लगेगा.
टूटी पाइपलाइन की वजह से बर्बाद हो रहा 55% पानी
दिल्ली में पानी की समस्या कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जर्जर ढांचा और टूटी पाइपलाइन की वजह से जल बोर्ड का 55% तक पानी बर्बाद हो जाता है. दिल्ली की कुल 16000 किमी लंबी पाइप लाइन में से 5,200 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी है. 2,700 किलोमीटर पाइपलाइन 20 से 30 साल पुरानी है. इसी का नतीजा है कि जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषित पानी और 55% तक नॉन-रेवेन्यू वाटर (NRW) की हानि हो रही है.
11 महीने में 7212 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर
दिल्ली की पाइप लाइन बदलने की शुरुआत चंद्रावल और वजीराबाद प्रोजेक्ट से हो रही है. जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि 2011 से प्रस्तावित चंद्रावल और वजीराबाद जल सुधार परियोजनाएं पिछली सरकार की अनिर्णयता, बार-बार टेंडर रद्द करने और फंडिंग एजेंसियों से टकराव के कारण वर्षों तक लटकी रहीं.
जल मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने 11 महीनों में जल क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाए हैं, जिसका फायदा दिल्ली की जनता को जल्द मिलने लगेगा. बीजेपी की 11 महीने की सरकार में पानी की समस्या को ठीक करने के लिए 7,212 करोड़ रुपये के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं.
सुशांत मेहरा