दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) का नाम बदलने की योजना बना रही है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में SRDC बोर्ड की एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग हुई. इस दौरान पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा हुई.
रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस बैठक में पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी बात की गई. सरकार के बयान के मुताबिक, बैठक में SRDC का नाम बदलने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई.
इस बैठक में तय किया गया कि प्राथमिकता के आधार पर तीन नए नामों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, जिनमें से बाद में फाइनल नाम को चुना जाएगा.
चांदनी चौक परियोजना की समीक्षा
इस मीटिंग में दिगंबर लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक फैली चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई. सरकार ने इस परियोजना की प्रगति और लागत से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब संस्था के व्यापक पुनर्गठन और पुनरुद्धार का समय आ गया है.
उन्होंने बताया कि सरकार न सिर्फ बोर्ड का नाम बदलेगी, बल्कि इसे पुरानी दिल्ली और शाहजहानाबाद के विकास को तेज करने के लिए असरदार तरीके से इस्तेमाल भी करेगी.
लागत बढ़ने पर उठाए सवाल
इस दौरान पिछली सरकार के दौरान SRDC के कामकाज की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में लगभग 65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुई एक परियोजना बाद में बढ़कर करीब 148 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. उन्होंने दावा किया कि इससे मंजूरी और प्रक्रिया का पालन करने को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
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विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप
मुख्यमंत्री के मुताबिक उपलब्ध दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि विकास कामों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ. उन्होंने कहा कि कार्यवाही के रिकॉर्ड से तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष और कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सामने आती है, जिससे ये साफ होता है कि प्रक्रियाओं को गलत तरीके से आगे बढ़ाया गया.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इन सभी अनियमितताओं की गहन जांच कराई जाएगी ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके.
ऐतिहासिक टाउन हॉल को बनाया जाएगा धरोहर स्मारक
मुख्यमंत्री ने ये भी घोषणा की कि ऐतिहासिक टाउन हॉल को एक अहम धरोहर स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा. उनके मुताबिक, इससे पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मजबूती मिलेगी.
इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने करीब 160 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी की है, जिससे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
सुशांत मेहरा