दिल्ली में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 से ज्यादा अधिकारियों के तबादले

दिल्ली में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है, जिसमें 20 से ज्यादा IAS और DANICS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. इस फेरबदल में शिक्षा, जेल और इलेक्शन जैसे अहम विभागों में बदलाव के साथ-साथ जनगणना 2027 की तैयारियों पर भी जोर दिया गया है.

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दिल्ली में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (File Photo: ITG) दिल्ली में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (File Photo: ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:55 PM IST

दिल्ली में देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है. सरकार के आदेश पर एक साथ 20 से ज्यादा IAS और DANICS अधिकारियों के ट्रांसफर और नई पोस्टिंग की लिस्ट जारी की गई है. इस फेरबदल से साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़ी तैयारी की गई है.

इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा दो वरिष्ठ अधिकारियों की हो रही है. पोस्टिंग का इंतजार कर रहे 1989 बैच के IAS नरेंद्र कुमार को दिल्ली का नया फाइनेंशियल कमिश्नर बनाया गया है. वहीं, IAS प्रशांत गोयल को फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही उनके पास पावर और प्रशासनिक सुधार जैसे कई अन्य अहम विभाग भी रहेंगे. इसके अलावा, IAS सौम्या सौरभ को डीएम के साथ स्पेशल सेक्रेटरी का अतिरिक्त चार्ज मिला है, जबकि सोनिका सिंह को डीडीए में स्पेशल सेक्रेटरी बनाया गया है.

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शिक्षा, जेल और इलेक्शन विभागों में भारी बदलाव

इस पूरे फेरबदल का एक बड़ा हिस्सा दानिक्स (DANICS) अधिकारियों से जुड़ा है, जिन्हें शिक्षा, जेल, ट्रांसपोर्ट, रेवेन्यू और इलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. कई अधिकारियों को डिप्टी सेक्रेटरी और असिस्टेंट कमिश्नर के पदों पर तैनात किया गया है. खास बात यह है कि मंत्रियों के दफ्तरों में भी नए चेहरों की एंट्री हुई है. साथ ही, कुछ अधिकारियों को तो विशेष रूप से जनगणना 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तैनात किया गया है.

सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ पुराने आदेशों में बदलाव किया गया है. खास तौर पर दानिक्स अधिकारी अमित कुमार से जुड़ा एक पुराना ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिया गया है. इस पूरे बदलाव को सिर्फ रूटीन ट्रांसफर के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रणनीति है ताकि अलग-अलग विभागों में काम की रफ्तार तेज हो सके. आने वाले समय में जनगणना और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को 'री-सेट' किया गया है.

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कुल मिलाकर, इस फेरबदल के पीछे एक बड़ी प्रशासनिक सोच काम कर रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में दिल्ली के कामकाज पर दिखेगा.
 

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