राजधानी दिल्ली की हवा फिर खराब होने लगी है. इसमें थोड़ा सुधार लाने के लिए अब 9 दिसंबर तक BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. यानी, 9 तारीख तक न तो दिल्ली में ऐसी गाड़ियां चलेंगी और न ही बाहर से आ सकेंगी. ये आदेश फोर-व्हीलर गाड़ियों पर लागू होगा.
हालांकि, कारोबारी इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं. कारोबारियों ने इसे दिल्ली सरकार की 'साजिश' बताया है और दावा किया है कि BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाने से टूरिज्म बिजनेस पर असर पड़ेगा.
वहीं, ये फैसला दिल्ली सरकार ने केंद्र की एजेंसी कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की गाइडलाइंस के आधार पर लिया है. प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही CAQM ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP की स्टेज-III को लागू कर दिया है.
क्या है सरकार का फैसला?
राजधानी दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगा दिया गया है. फिलहाल ये बैन 9 दिसंबर तक के लिए लगा है.
इस प्रतिबंध को आगे भी बढ़ाया जा सकता है और हटाया भी जा सकता है, लेकिन ये सब प्रदूषण के स्तर पर निर्भर करता है. अगर प्रदूषण के स्तर में कमी आती है और GRAP की स्टेज-III को 9 तारीख से पहले हटा दिया जाता है तो ये प्रतिबंध भी हट जाएगा.
हालांकि, इमरजेंसी सर्विसेस और सरकारी या चुनावी काम में लगी ऐसी गाड़ियों पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होगा.
स्टेज-III को इसलिए लागू किया गया है, क्योंकि दिल्ली में फिर से एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर 'गंभीर' हो गया है. 4 नवंबर के बाद प्रदूषण का स्तर गंभीर की श्रेणी में पहुंचा है.
अगर ये गाड़ी चलाई तो क्या होगा?
जुर्माना लगेगा. BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर 9 तारीख तक पूरी तरह प्रतिबंध है. अगर प्रतिबंध के बावजूद ऐसी गाड़ियां चलाते हैं तो जुर्माना देना पड़ेगा.
आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध के बावजूद ऐसी गाड़ियां चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 194 के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
फैसला तो सही है, फिर विरोध क्यों?
प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिहाज से ये फैसला तो सही है, लेकिन कारोबारियों ने इसका विरोध किया है. कारोबारियों का कहना है कि वो दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ सड़क जाम करेंगे.
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने सोमवार को बैठक की थी. इसमें दिल्ली और पंजाब सरकार के खिलाफ सड़क जाम करने का फैसला लिया गया. एसोसिएशन का कहना है कि पंजाब से कई सारी टूरिस्ट बसें और टैक्सियां दिल्ली आती हैं.
एसोसिएशन ने दावा किया कि ये प्रतिबंध 'साजिश' के तहत लगाया गया है और इससे टूरिज्म के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा.
GRAP क्या है?
GRAP को पर्यावरण मंत्रालय ने 2017 में नोटिफाइड किया था. इसे 15 अक्टूबर से लागू किया जाता है. लेकिन CAQM के निर्देशों के तहत इसे 15 दिन पहले से भी लागू किया जा सकता है, ताकि हवा में प्रदूषण बढ़ाने वाले तत्वों को रोका जा सके.
CAQM के मुताबिक, GRAP को चार कैटेगरी में लागू किया जाता है. हर कैटेगरी में अलग-अलग प्रतिबंध होते हैं. अगर AQI का स्तर 201 से 300 के बीच है तो स्टेज-1 लागू होती है. 301 से 400 के बीच होने पर स्टेज-2 और 401 से 450 के बीच होने पर स्टेज-3 लागू होती है. जबकि, AQI का स्तर 450 के ऊपर होने पर स्टेज-4 लागू कर दी जाती है. स्टेज बढ़ने के साथ-साथ पाबंदियां और सख्त होती जाती हैं.
अभी GRAP की स्टेज-III लागू है. इसके तहत अस्पताल, रेल सर्विस, मेट्रो सर्विस जैसी कुछ जगहों को छोड़कर पूरे दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है. स्टेज-III में ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर रोक लगाने का प्रावधान है.
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