देश की राजधानी दिल्ली में व्यापारियों को सीलिंग से राहत नहीं मिल रही है तो वहीं दूसरी तरफ सत्ता में बैठे दल इस मुद्दे पर जमकर राजनीति कर रहे हैं. बीजेपी शासित एमसीडी से लेकर आम आदमी सरकार के बीच सीलिंग की मुसीबत से निजात दिलाने का बेअसर मरहम लगाया जा रहा है. आम आदमी पार्टी के कई विधायकों ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर उनसे मिलने का वक्त मांगा है और सीलिंग से राहत ना दिलाने पर धरने की चेतावनी दी है.
आम आदमी पार्टी प्रवक्ताओं के मुताबिक सोमवार 29 जनवरी को दोपहर बाद के कई विधायक दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलने जाएंगे और उनसे गुजारिश करेंगे कि वो डीडीए के माध्यम से मास्टर प्लान में तब्दीली कराके दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग से राहत दिलाएं, क्योंकि केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर उपराज्यपाल ही डीडीए के चेयरपर्सन हैं और एलजी ही डीडीए को निर्देशित कर सकते हैं.
आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया है कि सोमवार को जब तक एलजी मास्टर प्लान में तब्दीली करने का लिखित में निर्देश नहीं देते तब तक आम आदमी पार्टी के विधायक एलजी के कार्यालय में ही बैठे रहेंगे. 'आप' प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली में सीलिंग सिर्फ दो ही कारणों से हो रही है, जिसमें पहला कारण कन्वर्जन चार्ज है और दूसरा कारण 2021 का मास्टर प्लान है जिसमें तब्दीली की जरूरत है.
आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर दिल्ली के व्यापारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. 'आप' नेताओं का मानना है कि मास्टर प्लान 2021 में बदलाव सिर्फ DDA और केंद्र सरकार ला सकती है. सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अगर बीजेपी शासित अध्यादेश ले आती है और केंद्र के अंतर्गत काम करने वाली डीडीए दिल्ली के मास्टर प्लान में तब्दीली करने के अलावा एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को 180 से बढ़ाकर 300 कर दिया जाता है, तो व्यापारियों को सीलिंग से राहत मिल जाएगी.
पंकज जैन