कोयला स्कैम में निलंबित IAS ऑफिसर की 4 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोयला घोटाले में निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की 4 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. जांच में 9 अचल संपत्तियों की पहचान हुई है.

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाले मामले में समीर विश्नोई से जुड़ी 5 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर चुका है.  (Photo: Social Media) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाले मामले में समीर विश्नोई से जुड़ी 5 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर चुका है. (Photo: Social Media)

aajtak.in

  • रायपुर,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:21 AM IST

इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने कोयला घोटाले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की 4 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है. अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में की गई है.

शनिवार को जारी एक ऑफिशियल रिलीज में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू ने जुलाई 2024 में विश्नोई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था.

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जांच के दौरान 9 अचल संपत्तियों की पहचान हुई है, जिनकी कुल कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई गई है. आरोप है कि ये संपत्तियां अवैध तरीके से हासिल की गई.

बयान में कहा गया है कि इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए रायपुर की स्पेशल कोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक आवेदन दायर किया गया था. 17 अप्रैल को सुनवाई के बाद, न्यायालय ने इन सभी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया.

इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो/EOW ने इन संपत्तियों को जब्त कर लिया. अब इन संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है और न ही ट्रांसफर किया जा सकता है.

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कोयला घोटाले मामले में विश्नोई से जुड़ी 5 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर चुका है.

बयान में यह भी बताया गया कि अन्य सरकारी अधिकारियों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी है. इनमें पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में डेप्युटी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया से जुड़ी संपत्तियों पर पिछले साल सितंबर में की गई कार्रवाई भी शामिल है.

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2009 बैच के IAS अधिकारी विश्नोई को इस कथित घोटाले में ED ने 2022 में पहली बार गिरफ्तार किया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें और अन्य आरोपियों को पिछले साल जमानत दे दी थी. न्यूज ऐजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह मामला जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच चले करीब 540 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसमें राज्य में परिवहन किए गए कोयले पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली एक गिरोह द्वारा की जा रही थी. इस गिरोह में वरिष्ठ अफसर, कारोबारी, नेता और बिचौलिए शामिल बताए गए हैं.

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