स्कूल में टीचर और हेडमास्टर बना रहे मिड डे मील..., सैलरी हाइक के लिए हड़ताल पर रसोइये

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रसोइयों की हड़ताल का असर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ता दिख रहा है. रसोइयों के स्कूल नहीं आने पर विभागीय निर्देश के तहत शिक्षक ही मिड डे मील बनाकर बच्चों को खिला रहे हैं.

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सरकारी स्कूल में टीचर और हेडमास्टर बना रहे मिड डे मील (Photo : itg) सरकारी स्कूल में टीचर और हेडमास्टर बना रहे मिड डे मील (Photo : itg)

सुमित सिंह

  • अंबिकापुर,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सरकारी स्कूल के शिक्षक के द्वारा मिड डे बनाने की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही. दरअसल जिले में वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर रसोईया संघ हड़ताल पर है. रसोइयों के स्कूल में नहीं पहुंचने से आदेश के अनुसार शिक्षक ही मिड डे मील बनाकर बच्चों को भोजन परोस रहे है, जिससे न केवल स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि शिक्षकों को अनेको प्रकार की समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है.

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दरअसल, पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम अरगोती तपता , मुड़ा पारा सहित विकासखंड के स्कूल का है. स्कूलों में रसोइयों के नहीं पहुंचने पर डिपार्टमेंट के ऑर्डर का पालन करते हुए शिक्षकों के द्वारा मिड डे मील बनाया जा रहा है पर सवाल यह उठता है कि अगर स्कूल में शिक्षक मिड डे मील बनाएंगे तो फिर बच्चों को कौन पढ़ाएगा.

तपता माध्यमिक शाला प्रधान पाठक राजेश कुमार गौतम प्राथमिक शाला मुड़ापारा प्रधान पाठक कृष्णा ने बताया कि कई दिनों से रसोईया स्कूल नहीं आ रही है और मिड डे बनाकर बच्चों को खिलाने का कार्य शिक्षकों के द्वारा किया जा रहा है जिससे अनेकों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा ग्राम स्तर या प्रशासन स्तर पर कोई भी व्यवस्था नहीं की गई.

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उन्होंने बताया कि रसोईया हड़ताल पर हैं और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं काम करने को तैयार नहीं है इसलिए हमें ही भोजन बनाना पड़ रहा है. बच्चों को किसी तरह भोजन तो देना ही होगा. पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. बहुत तकलीफ है.

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