Bihar News: फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करने वाले 70 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त, पेंशन भी नहीं मिलेगी

मुजफ्फरपुर जिले में फर्जी दस्तावेज पर सरकारी नौकरी करने वालों पर नकेल कसी जा रही है. हाईकोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के 70 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. सिविल सर्जन ने कहा, कुल 70 कर्मचारियों में से 40 पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. सिर्फ 22 कर्मचारी ही कार्यरत थे जिनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है.

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फर्जी डिग्री (प्रतीकात्मक फोटो) फर्जी डिग्री (प्रतीकात्मक फोटो)

मणिभूषण शर्मा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 18 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 5:48 PM IST

बिहार में अब फर्जी दस्तावेज पर सरकारी नौकरी करने वालों पर नकेल कसी जा रही है. इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले में 70 दोषियों की सेवा बर्खास्त कर दी गई है. मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के 70 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया है, क्योंकि उनकी नियुक्ति अनियमित तरीके से की गई थी. 

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ये नियुक्तियां 1980 और 1990 के आसपास हुईं थीं, शिकायत के बाद पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था. जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद हाईकोर्ट का आदेश हुआ कि सभी को हटना देना चाहिए. 70 में से 11 आरडीडी ऑफिस से बहाल हुए थे और 59 लोगों की बहाली सिविल सर्जन कार्यालय से हुई थी. 

70 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त किया गया

मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस संबंध में एक सक्षम अदालत के निर्देश के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद कार्रवाई शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय को सूचित कर दिया गया है.

फर्जी दस्तावेज के जरिए ली थी नौकरी

सिविल सर्जन ने कहा, कुल 70 कर्मचारियों में से 40 पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. सिर्फ 22 कर्मचारी ही कार्यरत थे. उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. पांच कर्मचारियों की उनकी सेवा के दौरान मृत्यु हुई थी.

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परिवादी अधिवक्ता पंकज महंत ने कहा, 1980 से 1990 तक राज्य स्वास्थ्य विभाग के 358 कर्मचारियों की नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं. उन्होंने बताया कि अदालत के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया. टीम को उनकी नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं मिलीं. 

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