मुंबई से हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. दरअसल, एक फैमिली ने बिरयानी खाई और उसके बाद तरबूज खाया और सुबह परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई. गर्मी के मौसम में वैसे ही तरबूज की पैदावार सबसे अधिक होती है और अधिकतर लोगों को तरबूज खाना भी पसंद होता है. लेकिन इस घटना के बाद लगातार चर्चा होने लगी है कि आखिर तरबूज खाने से क्या ऐसी मौत हो सकती है? इस बारे में डॉक्टर ने बताया और साथ ही ये भी बताया कि सही तरबूज कैसे खरीदें.
नोएडा के मेदांता हॉस्पिटल में मेडिकल ऑनकोलॉजी के डायरेक्टर एंड एचओडी डॉ. सज्जन राजपुरोहित ने बताया, तरबूज खाना ऐसी कोई हानिकारक चीज नहीं है. हजारों लोग रोज तरबूज खाते हैं. लेकिन यह जो घटना हुई है इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है. घटना में यह हुआ कि एक फैमिली ने तरबूज खाया फिर उसके बाद बिरयानी खाई और उन 4 लोगों की मौत हो गई तो इसके उसके कुछ कारण हो सकते हैं.
'कभी-कभी दुर्लभ मामलों में ऐसा होता है कि तरबूज के अंदर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो रखा हो या फिर तरबूज ऐसी जगह उगाया गया हो जहां बैक्टीरिया साल्मोनेला, ई. कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया हो सकता है. इनके टॉक्सिन से जान भी जा सकती है.'
'दूसरी संभावना है कि केमिकल या पेस्टिसाइड का इंफेक्शन. कभी-कभी ऐसे तरबूज के अंदर जिनमें उच्च मात्रा में पेस्टिसाइड या केमिकल का उपयोग किया गया हो. जैसे कि एल्डीकार्ब ऐसे केमिकल भी टॉक्सिक होकर मौत का कारण बन सकते हैं.'
'तीसरा कारण यह हो सकता है कि कभी-कभी लोग इनको ज्यादा लाल दिखाने के लिए केमिकल को इनफ्यूज कर सकते हैं. इनके अंदर आर्टिफिशियल सब्सटेंस डाला गया हो जैसे कैल्शियम कार्बाइड या एथिफॉन. ऐसे केमिकल के सेवन से भी जानलेवा हो सकता है.'
डॉक्टर बताते हैं, गर्मी में जब भी आप ऐसी कोई फल लेते हैं तो पहले पता कर लें कि कैसी जगह से वह फल आ रहे हैं. अच्छे वेंडर से फल खरीदिए. जब फल घर पर लेकर आएं तो उन्हें पीने वाले पानी से अच्छे से धोएं. स्पेशली तरबूज के मामले में जब देखें कि रंग बहुत ज्यादा लाल है या बदबू आ रही है या खाने के टेस्ट में बदलाव है तो ऐसे तरबूज ना खाएं.'
'यह केमिकल जब ज्यादा हो तो यह हमारे शरीर पर असर कर सकता है. तरबूज खाने से पहले यह देखना जरूरी है कि तरबूज आया कहां से है. कभी-कभी तरबूज गंदे नालों के पास उगाए जाते हैं जिन्हें मंडी के अंदर भेजा जाता है. आप कहां से तरबूज ले रहे हैं. तरबूज को साफ-सफाई से देखकर, खाने से पहले तरबूज के रंग और स्वाद में बदलाव अगर ऐसा कुछ भी हो तो ऐसे तरबूज का सेवन न करें.'
डॉ. सज्जन ने सलाह दी कि दिल्ली-एनसीआर और पूरे देश में हीट वेव चल रही है. ज्यादातर जगहों पर टेंपरेचर 40 डिग्री से ऊपर हो चुका है इसमें नियमित रूप से पानी पीते रहना, साथ ही केवल पानी ही नहीं बल्कि शरीर में नमक की कमी न होने दें. कभी भी डायरेक्ट हीट के नीचे या सनलाइट के नीचे ना जाए. लंबे समय तक सनलाइट के नीचे जाने पर आपको हीट स्ट्रोक हो सकता है. इसलिए आप छाते का इस्तेमाल करें या फिर सिर को कवर करके रखें.'
'हीट स्ट्रोक के लक्षण में आंखें लाल हो सकती हैं. बॉडी गर्म हो सकती है, बुखार आ सकता है. इस दौरान सबसे पहले जरूरी है कि पानी का सेवन किया जाए. कुछ मामलों के अंदर हम पेरासिटामोल भी देते हैं. ऐसे पेशेंट को थोड़े ठंडे वातावरण में रहना चाहिए बॉडी को रेस्ट करना चाहिए. इलेक्ट्रोलाइट्स, नारियल पानी नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं. इन चीजों से भी हीट स्ट्रोक ठीक ना हो सकता है तो हॉस्पिटल जाने की जरूरत पड़ सकती है.'
भूपेन्द्र चौधरी