Urinary Tract Infection Symptoms And Treatment: साफ-सफाई रखने के बावजूद आजकल महिलाओं में UTI यानी यूरिन इंफेक्शन की समस्या काफी आम हो गई है. आमतौर पर इसके बारे में शर्म या झिझक की वजह से महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पातीं. गर्मी और नमी वाले मौसम में तो महिलाएं बार-बार इस परेशानी का सामना करती हैं. अक्सर लोग कहते हैं कि सफाई न रखने की वजह से यह समस्या होती है, जबकि ऐसा पूरी तरह सही नहीं है.
कई बार अच्छी हाइजीन रखने के बाद भी महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन हो जाता है क्योंकि इसकी वजह शरीर की बनावट, लाइफस्टाइल और कुछ रोजाना की आदतें होती हैं. आइए महिलाओं में होने वाल यूरिन इंफेक्शन का कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानते हैं.
महिलाओं के शरीर की बनावट के कारण उन्हें यूरिन इंफेक्शन जल्दी होता है. उनका पेशाब का रास्ता (यूरेथ्रा) पुरुषों से छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं. साथ ही, यह रास्ता मलद्वार के पास होने से कीटाणु जल्दी फैलते हैं, इसलिए पूरी सफाई रखने पर भी इंफेक्शन हो जाता है.
महिलाओं में UTI के शुरुआती लक्षण
ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स भी बन सकते हैं कारण
कई महिलाएं अपने प्राइवेट पार्ट्स की सफाई के लिए बार-बार इंटिमेट वॉश, खुशबूदार साबुन या स्प्रे का इस्तेमाल करती हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से शरीर के अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म होने लगते हैं. इससे इंफेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा डॉक्टर भी माइल्ड प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
कम पानी पीना भी है बड़ी वजह
अगर शरीर में पानी की कमी रहती है तो यूरिन कम बनता है. इससे बैक्टीरिया शरीर में ज्यादा देर तक रह सकते हैं. लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की आदत भी UTI को बढ़ावा देती है.
हार्मोनल बदलाव भी बढ़ाते हैं खतरा
पीरियड्स, प्रेगनेंसी और मेनोपॉज के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. जिनके कारण भी UTI का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध और पार्टनर की साफ-सफाई में कमी भी इंफेक्शन का कारण बन सकती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क