UTI In Females: महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा UTI का खतरा! जानें इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के आसान तरीके

महिलाओं में साफ-सफाई रखने के बाद भी यूरिन इंफेक्शन (UTI) हो सकता है. शरीर की बनावट, कम पानी पीना, केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल और हार्मोनल बदलाव इसके मुख्य कारण हैं. आइए आपको बताते हैं कि यूरिन इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण और इससे बचने के आसान लेकिन बेहद असरदार घरेलू उपाय क्या है.

Advertisement
बार-बार पेशाब आना भी समस्या हो सकती है. (PHOTO:ITG/AI) बार-बार पेशाब आना भी समस्या हो सकती है. (PHOTO:ITG/AI)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

Urinary Tract Infection Symptoms And Treatment: साफ-सफाई रखने के बावजूद आजकल महिलाओं में UTI यानी यूरिन इंफेक्शन की समस्या काफी आम हो गई है. आमतौर पर इसके बारे में शर्म या झिझक की वजह से महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पातीं. गर्मी और नमी वाले मौसम में तो महिलाएं बार-बार इस परेशानी का सामना करती हैं. अक्सर लोग कहते हैं कि सफाई न रखने की वजह से यह समस्या होती है, जबकि ऐसा पूरी तरह सही नहीं है.

Advertisement

कई बार अच्छी हाइजीन रखने के बाद भी महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन हो जाता है क्योंकि इसकी वजह शरीर की बनावट, लाइफस्टाइल और कुछ रोजाना की आदतें होती हैं. आइए महिलाओं में होने वाल यूरिन इंफेक्शन का कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानते हैं. 

महिलाओं में UTI ज्यादा क्यों होता है?

महिलाओं के शरीर की बनावट के कारण उन्हें यूरिन इंफेक्शन जल्दी होता है. उनका पेशाब का रास्ता (यूरेथ्रा) पुरुषों से छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं. साथ ही, यह रास्ता मलद्वार के पास होने से कीटाणु जल्दी फैलते हैं, इसलिए पूरी सफाई रखने पर भी इंफेक्शन हो जाता है.

महिलाओं में UTI के शुरुआती लक्षण

  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
  • बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना
  • थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आना
  • पेशाब में तेज बदबू आना
  • पेशाब का रंग गहरा या धुंधला दिखना
  • पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द महसूस होना
  • लगातार भारीपन या दबाव महसूस होना
  • थकान और कमजोरी लगना
  • कभी-कभी हल्का बुखार आना

ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स भी बन सकते हैं कारण

Advertisement

कई महिलाएं अपने प्राइवेट पार्ट्स की सफाई के लिए बार-बार इंटिमेट वॉश, खुशबूदार साबुन या स्प्रे का इस्तेमाल करती हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से शरीर के अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म होने लगते हैं. इससे इंफेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा डॉक्टर भी माइल्ड प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.

कम पानी पीना भी है बड़ी वजह

अगर शरीर में पानी की कमी रहती है तो यूरिन कम बनता है. इससे बैक्टीरिया शरीर में ज्यादा देर तक रह सकते हैं. लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की आदत भी UTI को बढ़ावा देती है.

हार्मोनल बदलाव भी बढ़ाते हैं खतरा

पीरियड्स, प्रेगनेंसी और मेनोपॉज के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. जिनके कारण भी UTI का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध और पार्टनर की साफ-सफाई में कमी भी इंफेक्शन का कारण बन सकती है.

UTI से बचने के आसान तरीके

  • दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं
  • पेशाब को ज्यादा देर तक न रोकें
  • हमेशा आगे से पीछे की ओर सफाई करें
  • ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचें
  • यौन संबंध बनाने के बाद पेशाब जरूर करें
  • कॉटन और ढीले कपड़े पहनें
  • बार-बार इंफेक्शन हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement