International Women’s Day 2026: हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, इस दिन महिलाओं की उपलब्धियों, योगदान और उनके अधिकारों का जश्न मनाया जाता है. अक्सर महिलाएं अपनी फैमिली की हेल्थ का ध्यान रखती हैं, लेकिन अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं. बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को कई सारी समस्याएं होने लगती हैं, 30 की उम्र के बाद अधिकतर महिलाओं में साइलेंट बोन लॉस की समस्या शुरू हो जाती है.
एक्सपर्ट के अनुसार, कई महिलाओं में 30 की उम्र के बाद धीरे-धीरे हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती है. इस स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है. इसके अलावा इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती दौर में दिखाई नहीं देते है. कई बार इसका पता तब चलता है जब हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है या हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं.
30 की उम्र के बाद महिलाओं की हड्डियां वीक होने लगती है और ऐसा होने के कई कारण होते हैं. लेकिन सबसे बड़ा कारण महिलाओं में होने वाला हार्मोनल बदलाव है. खासकर महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कम होना, यह हार्मोन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में खास रोल निभाता है.
इसके अलावा कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स भी हड्डियों के नुकसान को बढ़ा सकते हैं, जैसे:
यह सभी समस्या धीरे-धीरे और बिना लक्षण के बढ़ती है, इसलिए कई महिलाओं को इसके बारे में तब पता चलता है जब उनकी हड्डियां बहुत कमजोर हो चुकी होती हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक, हड्डियों की स्थिति जानने के लिए DEXA स्कैन करवाना काफी मदद कर सकता है. यह टेस्ट हड्डियों की घनत्व को मापता है और शुरुआती स्टेज में ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने में मदद करता है.
कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर डाइट लें
पनी डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, फोर्टिफाइड फूड और फैटी फिश शामिल करें. क्योंकि हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन डी बेहद जरूरी हैं. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी ले सकते हैं.
नियमित एक्सरसाइज करें
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. इसलिए रोजाना वॉक, योग, जॉगिंग या हल्की वेट ट्रेनिंग करें, इससे काफी फायदा मिल सकता है.
लिमिट में शराब और कैफीन लें
अधिक मात्रा में शराब और कैफीन लेने से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है. इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें.
धूम्रपान से दूरी बनाएं
स्मोकिंग हड्डियों को कमजोर करती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा सकती है. इसलिए धूम्रपान छोड़ना हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी है.
स्ट्रेस को कंट्रोल करें
लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस भी आपकी हड्डियों पर असर डाल सकता है, इसलिए जितना हो स्ट्रेस को खुद से दूर रखे. तनाव कम करने के लिए नियमित योग, मेडिटेशन और माइंडफुलनेस तकनीक अपनाएं.
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
आजतक हेल्थ डेस्क