Poha Health Risks: क्या आप भी रोज सुबह खाते हैं पोहा? संजीव कपूर ने बताया सेहत के लिए क्यों खतरनाक

सेहतमंद माना जाने वाला पोहा आपके शुगर लेवल को बिगाड़ सकता है. मास्टरशेफ संजीव कपूर ने हाल ही में इस बारे में बताया. इस बारे में रिसर्च और एक्सपर्ट क्या कहते हैं, इस बारे में जानेंगे.

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पोहा खाना कुछ लोगों के लिए सेहतमंद नहीं है. (Photo: AI Generated) पोहा खाना कुछ लोगों के लिए सेहतमंद नहीं है. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

Poha health risks: अक्सर लोग नाश्ते में पोहा खाना पसंद करते हैं. जब भी आप सुबह मार्केट में जाते हैं तो आपको रेस्टोरेंट या स्टॉल पर अक्सर पोहा बिकते हुए दिख जाता है. वहीं कई लोग अपने घर पर भी पोहा बनाकर खाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पोहा को सेहत का खजाना समझकर रोज सुबह खा रहे हैं, वह आपके शरीर के लिए साइलेंट किलर साबित हो सकता है. दरअसल, शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान ऐसी चेतावनी दी जिसने हर पोहा लवर्स के मन में सवाल पैदा कर दिया है. संजीव कपूर के मुताबिक, यदि आप अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करना चाहते हैं तो बस एक प्लेट पोहा खा लें और इंसुलिन का रिस्पॉन्स देखें. उनका कहना है कि पोहा खाने से शुगर लेवल में जो उछाल आता है, वह चौंकाने वाला होता है.

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क्यों पोहा खाने से बढ़ता है जोखिम?

हालिया बातचीत में संजीव कपूर ने बताया कि पोहा मूल रूप से 'प्रेस किया हुआ चावल' है और यह कार्बोहाइड्रेट का मुख्य सोर्स है. यदि आपको अपना शुगर स्पाइक देखना है तो सुबह के नाश्ते में पोहा खाकर देख लीजिए. संजीव कपूर के इस बयान ने उन लोगों को डरा दिया है जो पोहा को वजन घटाने और हेल्दी डाइट का हिस्सा मानते थे. उनके मुताबिक, पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) शरीर में इंसुलिन के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक है.

क्या कहती है रिसर्च?

हेल्थ एक्सपर्ट्स और विदेशी स्वास्थ्य वेबसाइट्स के अनुसार, पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम से उच्च श्रेणी (55 से 70 के बीच) में आता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें शरीर में ग्लूकोज को तेजी से रिलीज करती हैं जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है.

Fitterfly की एक रिपोर्ट के अनुसार, पोहा सफेद चावल से बनता है और इसमें फाइबर की कमी होती है जो शुगर स्पाइक का मुख्य कारण है. इसके अलावा ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) की एक स्टडी बताती है कि सफेद चावल या उससे बने प्रोडक्ट्स का अधिक सेवन टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को 11% तक बढ़ा सकता है.

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कैसे बनाएं इसे खाने के लिए सुरक्षित?

डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आप पोहा खाना ही चाहते हैं तो इसे बनाने के लिए स्मार्ट तरीका अपनाएं. WebMD के अनुसार, पोहा में अगर भरपूर मात्रा में सब्जियां (जैसे बीन्स, गाजर, मटर), मूंगफली और थोड़ा प्रोटीन (जैसे पनीर या स्प्राउट्स) मिला दिया जाए तो इसका ग्लाइसेमिक लोड कम हो जाता है. फाइबर और प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा कर देते हैं जिससे शुगर लेवल एकदम से नहीं बढ़ता. साथ ही सफेद पोहा की जगह ब्राउन राइस पोहा या लाल पोहा अधिक बेहतर रहेगा.

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