इंस्टाग्राम पर दो अलग-अलग क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया एक वीडियो वायरल है जिसके जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की जा रही है. वीडियो की शुरुआत में हाथ में तलवार लिए कुछ लड़के, गाली-गलौज करते हुए किसी को धमकाते हुए दिख रहे हैं. इसके बाद दूसरी क्लिप आती है जिसमें पुलिसकर्मी, कान पकड़े हुए कुछ युवकों का जुलूस निकलवा रहे हैं. इन लड़कों के हाथ-पैरों में पट्टी भी बंधी दिख रही है.
वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के अनुसार, दोनों क्लिप्स उत्तर प्रदेश की हैं जहां खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे इन मुस्लिमों का पुलिस ने जुलूस निकाला.
इस दावे के साथ वीडियो को पर कई लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों वीडियो भोपाल की एक हालिया घटना के हैं, न कि यूपी के. मामले के आरोपी हिंदू हैं.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें दूसरी क्लिप यूट्यूब पर अपलोड हुई मिली. यहां एक ने इसे भोपाल के टीटी नगर का मामला बताया गया है.
इस जानकारी की मदद से कीवर्ड सर्च करने पर हमें एनडीटीवी की 31 दिसंबर की एक मिली जिसमें दूसरी क्लिप के साथ घटना के बारे में बताया गया है.
खबर के मुताबिक, भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र में बीते दिनों कुछ बदमाशों का तलवार लहराते हुए और गाली गलौज करते हुए एक वीडियो सामने आया था. ये लड़के मारपीट की एक घटना के दूसरे पक्ष को धमकी दे रहे थे.
वीडियो के वायरल हो जाने के बाद टीटी नगर पुलिस हरकत में आई थी और लड़कों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला था. खबर में बदमाशों के नाम आकाश गजबी, उदय सराठे, आकाश सोनी, नितेश जाट, लक्की सेन, जय रावत, और रितिक वाल्मीकि बताए गए हैं.
इस घटना के बारे में मीडिया संस्थान ‘हिन्दुस्तान’ ने भी 1 जनवरी को छापी थी. इस खबर में धमकी वाला वीडियो, यानि की पहली क्लिप भी मौजूद है. खबर में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि इन बदमाशों का पहले कुछ लोगों से विवाद हो गया था. इसके बाद उन्होंने एक कार में तोड़फोड़ कर पांच हजार रुपए की रंगदारी मांगी थी और इसी मकसद से धमकाने का वीडियो बनाया था. पुलिस का कहना है कि इन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है.
इस मामले में पुलिस का बयान TV9 की इस में सुना जा सकता है. हमने खुद भी टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया से बात की. उन्होंने हमें बताया गया कि इस मामले में पकड़े गए आरोपी मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदू हैं.
अर्जुन डियोडिया