उत्तर प्रदेश का बताकर सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वायरल हो रहा है. इसमें सड़क पर मोटरबाइक पर दो लोग, दूसरी मोटरबाइक से भाग रहे एक व्यक्ति का पीछा करते नजर आ रहे हैं. पीछा कर रहे लोग दूसरे पर फायरिंग करते हुए भी दिख रहे हैं. आखिर में यह लोग इस व्यक्ति को पकड़ लेते हैं.
वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि अगर यूपी में अपराध करोगे तो यही हाल होगा. आगे लिखा है कि योगी आदित्यनाथ की पुलिस एनकाउंटर करने में एक मिनट की देरी नहीं करती चाहे जितना भाग लो.
इंस्टाग्राम पर कई लोगों ने इस को शेयर किया है. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो यूपी का नहीं बल्कि 2020 में इंडोनेशिया में हुई एक घटना का है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के आखिर में एक व्यक्ति के पीछे कपड़ों पर 'POLISI' लिखा दिख रहा है. इसी बात से हमें शक हुआ कि यह वीडियो किसी दूसरे देश का हो सकता है. क्योंकि भारत में पुलिसकर्मियों के कपड़ों पर इस तरह से पुलिस को 'POLISI' नहीं लिखा जाता.
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस वीडियो को लेकर इंडोनेशिया की कई न्यूज मिलीं. 19-20 अप्रैल 2020 के आसपास छपी इन में वायरल वीडियो या इसके स्क्रीनशॉट्स मौजूद हैं.
इंडोनेशिया की मीडिया संस्था "Tribun News" की में बताया गया है कि यह घटना इंडोनेशिया के ईस्ट जकारता के काकुंग इलाके में हुई थी. पुलिस से भाग रहा यह व्यक्ति चोरी का आरोपी था. आदमी, राह चलते किसी व्यक्ति से कुछ छीन कर भागा था. आरोपी के कुछ और साथी भी थे.
जब पुलिस को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपियों का पीछा करना शुरू कर दिया. बचने के लिए आरोपी अपनी मोटर बाइक से भाग रहे थे, लेकिन गोली मारकर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया.
एक अन्य में बताया गया है कि यह आरोपी एक व्यक्ति को धारदार हथियार से धमकाकर उसका मोबाइल फोन छीनकर भागे थे.
स्पष्ट है कि इस वीडियो का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है. इंडोनेशिया की एक घटना के वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
अर्जुन डियोडिया