फैक्ट चेक: बेकाबू कार से महिला की जान बचाने वाले कुत्ते का ये वीडियो बस AI का कमाल है

एक महिला को तेज रफ्तार कार से बचाते कुत्ते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि यह वीडियो एआई से बना है. टिकटॉक यूजर ने इसे 23 अक्टूबर 2025 को ‘AI’ लेबल के साथ पोस्ट किया था. यह असली घटना नहीं है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
इससे पहले कि एक बेकाबू कार इस महिला से टकराती, उसके पालतू कुत्ते ने खतरा भांपकर उसे पहले ही धकेलकर पीछे कर दिया जिससे उसकी जान बच गई.
सच्चाई
ये वीडियो AI की मदद से बना है और किसी असली घटना को नहीं दिखाता.

फैक्ट चेक ब्यूरो

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  • 29 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

इत्मीनान से बैठकर नाश्ता करती महिला को एक बेकाबू, तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से बचाते कुत्ते का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. कई लोग इसे महिला का पालतू कुत्ता बताते हुए कह रहे हैं कि इसे खतरे का आभास पहले ही हो गया था.  

एक एक्स यूजर ने वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, "बेजुबान कुत्ते को पहले ही आभास हो गया था कि मालकिन की तरफ मौत आने वाली है... और उसने बाल भी बांका नहीं होने दिया..!!"

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न्यूज डिगीग्लोबल इंडिया टीवी, और भोपाल न्यूज ने इसे असली घटना की तरह पेश किया.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो आर्टी​फिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बनाया गया है. ये किसी असली घटना को नहीं दिखाता.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

वायरल वीडियो में कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे इसके एआई से बने होने का आभास होता है. उदाहरण के तौर पर, इसमें जब कुत्ता अचानक भौंकने लगता है और महिला को धक्का देकर पीछे धकेलता है, तो मेज पर रखा सफेद कप, प्लेट से चिपकर ही नीचे गिर जाता है.

एक एक्स यूजर ने इस वीडियो का क्रेडिट '@nicebeer31' नाम के एक टिकटॉक अकाउंट को दिया है.

इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें पता लगा कि '@nicebeer31' टिकटॉक यूजर ने ये वीडियो 23 अक्टूबर, 2025 को AI लेबल के साथ पोस्ट किया था.  

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इस यूजर ने इसी तरह के और भी कई एआई से बने वीडियो पोस्ट किए हैं जिनमें कुत्ते, बच्चों को, महिलाओं को या बुजुर्गों को किसी न किसी अचानक होने वाले एक्सीडेंट से बचा रहे हैं.

जब कुत्ते सचमुच बने जीवनरक्षक

ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जब पालतू कुत्तों ने अपनी जान पर खेलकर अपने मालिकों की जान बचाई. मिसाल के तौर पर, 2016 में अमेरिका के फ्लोरिडा में एक जर्मन शेफर्ड ने सात साल की बच्ची को जहरीले सांप से बचाया था. इस दौरान उसे सांप ने कई बार काट लिया था और उसके इलाज के लिए क्राउडफंडिंग के जरिये पैसा इकट्ठा किया गया था. ऐसी ही कुछ और घटनाओं के बारे में यहां पढ़ा जा सकता है.  

इस तरह ये बात साबित हो जाती है कि एआई से बने फर्जी वीडियो को असली बताकर पेश किया जा रहा है.

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