पटना के चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल तौसीफ समेत 5 शूटरों को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया है. 21 जुलाई को बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स अपराधियों को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता से पटना लाई. वहीं, अन्य तीन मददगारों को भी पटना और बक्सर से गिरफ्तार किया जा चुका है.
अब सोशल मीडिया पर कथित तौर पर इन अपराधियों का एक वीडियो वायरल हो गया है. इसमें चार घायल आदमियों को सड़क पर घिसट-घिसट कर आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है. इनके हाथों और पैरों में पट्टी बंधी हुई है. कुछ पुलिसकर्मी इन लोगों को घेर कर खड़े हैं और आम लोग भी सड़क पर खड़े होकर अपराधियों को देख रहे हैं.
वीडियो शेयर करने वालों के मुताबिक ये वही लोग हैं जिन्होंने पटना के पारस अस्पताल में चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या की थी.
वीडियो शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “भाजपा सरकार में गिरफ्तारी का यह नया ट्रेन्ड बहुत ही आम हो गया है. अपराधी/आरोपी बिना पांव में गोली लगे गिरफ्तार ही नहीं होता. पता नहीं गोली पहले लगती है या बाद में ,ऐसे गिरफ्तारियों में गोली मांसल एरिया को छूकर निकल जाती है. शायद ही किसी के हड्डियों में चोट आयी हो.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो का बिहार से कोई लेना-देना नहीं है. ये राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले की घटना है, जहां जून 2025 में एक शराब ठेकेदार के हत्यारों की परेड निकाली गई थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस परेड का एक लंबा वर्जन मिला. इसे 30 जून, 2025 को एक यूट्यूब चैनल ने शेयर किया था. वीडियो के डिसक्रिप्शन के मुताबिक ये बानसूर इलाके का वीडियो है, जहां सुनील उर्फ टुल्ली हत्याकांड के आरोपियों का जुलूस निकाला गया था. बानसूर, राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले का एक इलाका है.
इसके बाद हमें इससे जुड़ी कुछ खबरें भी मिलीं. इनके मुताबिक 24 जून को बानसूर में अलवर बाईपास पर शराब ठेकेदार सुनील कुमार उर्फ टुल्ली की हत्या कर दी गई थी. खबरों के मुताबिक कृष्ण पहलवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुनील पर ताबड़तोड़ गोलियां चलवाई थीं. हत्या के एक घंटे बाद कृष्ण पहलवान ने सोशल मीडिया पर आकर सुनील की हत्या करने की बात भी कबूली थी. साथ ही, अपने अन्य दुश्मनों का भी ऐसा ही हश्र करने की धमकी दी थी.
इसके बाद 27 जून, 2025 को पुलिस इस मामले के चार आरोपियों को गिरफ्तार करने हरसौरा इलाके पहुंची. जब पुलिस ने इन लोगों को घेरा तो वो पुलिस पर फायरिंग करने लगे. पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें चारों आरोपी घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने इन घायल आरोपियों की बानसूर में ही परेड निकाली थी. बाद में मामले के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था.
साफ है, राजस्थान के एक पुराने वीडियो को चंदन मिश्रा हत्याकांड से जोड़कर पेश किया जा रहा है.
संजना सक्सेना