फैक्ट चेक: कॉकरोच जनता पार्टी के असर के चलते पकड़ा गया रिश्वतखोर दरोगा? नहीं, ये है असली मामला

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाए जा रहे एक वीडियो को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी. जांच में सामने आया कि कथित कार्रवाई का संबंध हाल में चर्चा में आए व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म से नहीं, बल्कि महीनों पहले हुई भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की आधिकारिक कार्रवाई से था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
देश में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रभाव के चलते इस पुलिसवाले को रिश्वत लेते हुए रंगे-हाथ पकड़ लिया गया.
सच्चाई
ये वीडियो फरवरी का है, जब छत्तीसगढ़ में ACB ने एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते पकड़ा था. कॉकरोच जनता पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

देश भर में इस वक्त ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP काफी चर्चा में है. इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स के मामले में इसने बड़ी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है. ये कोई असली राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए युवाओं और समाज के अन्य मुद्दे उठाए जाएंगे.

अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग एक पुलिसवाले को दबोचे हुए नजर आ रहे हैं. इसके बाद एक आदमी उस पुलिसवाले की जेब से नोटों की गड्डियां निकालता है. इसे शेयर करते हुए कुछ लोगों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रभाव और जागरूकता के चलते इस रिश्वतखोर दरोगा को रंगे-हाथ पकड़ लिया गया.

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वीडियो को एक्स पर  शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “30 हजार की रिश्वत लेते हुए दरोगा को धर लिया. कॉकरोच जनता पार्टी ने पूरे देश में सड़े गले सिस्टम की सफाई शुरू कर दी है. छत्तीसगढ़ में ₹30000 की रिश्वत लेने वाले दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया गया.”

 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो फरवरी का है, जब छत्तीसगढ़ में ACB ने अब्दुल मुनाफ नाम के एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते पकड़ा था. जाहिर है, कॉकरोच जनता पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये न्यूज एक्स वर्ल्ड के 25 फरवरी के एक्स पोस्ट में मिला. इतनी बात तो यहीं साफ हो गई कि इस घटना का कॉकरोच जनता पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि ये पार्टी हाल ही में 16 मई को बनाई गई थी, और ये घटना इससे पहले की है.

 

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पोस्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने अब्दुल मुनाफ नाम के एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे-हाथ पकड़ लिया था. इस घटना से संबंधित तमाम खबरें  मौजूद हैं.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट  के मुताबिक ये मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का है. अंबिकापुर के ग्राम पोड़ी के रहने वाले किसान सत्येंद्र प्रजापति ने एसीबी में जाकर शिकायत की थी कि एसआई अब्दुल ने उन्हें एक मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी थी, और इससे बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी.

इसके बाद एसीबी की टीम ने एसआई मुनाफ पटेल को पैसे के साथ पकड़ लिया और मुकदमा दर्ज किया.

साफ है कि ये मामला फरवरी का है, जब कॉकरोच जनता पार्टी अस्तित्व में भी नहीं थी. इसलिए इस पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.

 

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