धरती पर नरक...वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति को जिस अमेरिकी जेल में रखा गया, क्यों है वो इतनी कुख्यात?

वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया. फिलहाल वे न्यूयॉर्क सिटी की एमडीसी ब्रुकलिन जेल में हैं, जहां से उनका ट्रायल चलेगा. हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए बनी जेल इतनी कुख्यात है कि इसे धरती पर नरक भी कहा जाता रहा.

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निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका नार्कोटेररिज्म का आरोप लगा रहा है. (Photo- Reuters) निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका नार्कोटेररिज्म का आरोप लगा रहा है. (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

अमन का दूत बनता आ रहा अमेरिका आखिरकार दादागिरी दिखाने ही लगा. कई लड़ाइयां रोकने का दावा कर रहे डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला पर हमला कर दिया गया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अब अमेरिकी कब्जे में हैं. मादुरो को फिलहाल न्यूयॉर्क सिटी की एक खास जेल में रखा गया है, जहां पहले भी कई हाई-प्रोफाइल कैदी रह चुके. ये खास इसलिए नहीं कि यहां बेहतरीन व्यवस्थाएं हैं, बल्कि इसलिए है कि यहां से मानवाधिकार हनन की खबरें लगातार आती रहीं. 

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क्यों बनाया गया ये डिटेंशन सेंटर

न्यूयॉर्क की मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर जेल, जिसे अक्सर एमडीसी ब्रुकलिन कहा जाता है, साल 1994 में बनाई गई थी. यह जेल अमेरिका के फेडरल सिस्टम का हिस्सा है. इसे खासतौर पर न्यूयॉर्क सिटी और आसपास के इलाकों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रखने के लिए बनाया गया. इससे पहले न्यूयॉर्क में कैदियों को रखने की व्यवस्था बिखरी हुई थी और कोर्ट ट्रायल के लिए उन्हें दूर-दूर ले जाना पड़ता था. एमडीसी का मकसद था कि अदालत के पास ही एक हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर हो, जहां ट्रायल से पहले और सजा के शुरुआती दौर में कैदियों को रखा जा सके.

ब्रुकलिन की जेल में करीब तेरह सौ कैदियों को रखने की क्षमता है. यहां पुरुषों और महिलाओं को -अलग-अलग यूनिट में रखा जाता है और ज्यादातर मामलों में आरोपियों को किसी से मिलने की इजाजत नहीं होती. 

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न्यूयॉर्क सिटी के डिटेंशन सेंटर में खूंखार आरोपी रखे जाते हैं. (Photo- AP)

किस तरह के आरोपी रखे जाते हैं

यहां छुटपुट अपराधों के आरोपी नहीं, बल्कि खास तरह के फेडरल कैदी रखे जाते हैं. यहां ज्यादातर वे लोग होते हैं जिन पर फेडरल कानून यानी सेंटर के कानून के तहत मुकदमा चल रहा होता है. मतलब जेल एक तरह का प्री-ट्रायल डिटेंशन सेंटर है, जैसा कि मादुरो के केस में भी है. डिटेंशन सेंटर में ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर क्राइम और बड़े आर्थिक घोटालों के आरोपी रखे जाते हैं. आतंकवाद से जुड़े हाई सिक्योरिटी रिस्क वाले कैदी भी यहां लाए जाते हैं. 

क्यों हेल ऑन अर्थ कहा गया

मादुरो को यहां रखते ही जेल चर्चा में आ गई. यहां अव्यस्थाएं इतनी ज्यादा हैं कि इसे धरती पर नरक तक कहा जाता रहा. यहां हर कदम पर निगरानी रहती है. सीसीटीवी हर कोने में है, जेल में एंट्री और एक्सिट पर सख्त जांच होती है. कैदियों को बेहद छोटी सेल में रखा जाता है, इतनी छोटी कि ठीक कद वाले लोग सीधे खड़े न हो सकें, आराम से सोना तो दूर की बात. 

यहां चौबीसों घंटे तेज रोशनी रहती है ताकि कैदियों की बारीक हरकतें भी मिस न हों. ऐसे में रात में न सोने की वजह से दिमाग पर असर होता है. यहां खाने की क्वालिटी भी बाकी अमेरिकी जेलों की तुलना में खराब रही. सर्दी और गर्मी में भी यहां मौसम के मुताबिक व्यवस्था नहीं है, जो कि कैदियों को परेशान करने के लिए काफी है. लगातार कड़ी निगरानी और कुपोषण की वजह से मानसिक दबाव में रहते हुए यहां कई कैदी आत्महत्या तक कर चुके. 

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वेनेजुएला के पक्ष में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. (Photo- AP)

ऐसे में इस सेंटर में क्यों रखे जाते हैं रसूखदार कैदी

अक्सर तस्करी या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कैदियों को यहां रखते हैं, क्योंकि यहां सिक्योरिटी काफी मजबूत है. इसके अलावा, ये डिटेंशन सेंटर न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट के पास है. कैदियों को यहां तक लाना ले जाना आसान होता है. 

कौन-कौन से हाई-प्रोफाइल लोग यहां रखे गए

मादुरो पहले लीडर नहीं हैं जिन्हें इस डिटेंशन सेंटर में रखा गया हो. होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलांडो हेर्नांडेज को पहले इसी जेल में रखा गया था, जब उन पर अमेरिका में ड्रग तस्करी में मुकदमा चला था. बाद में उन्हें लंबी सजा सुनाई गई, लेकिन हाल ही में ट्रंप ने उन्हें रिहा कर दिया. उनके अलावा भी कई बड़े नाम यहां रखे गए. मसलन, 9/11 के हमलों से जुड़े मामले में यहां कई कुख्यात कैदी रखे गए और यहीं से ट्रायल चला. 

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