रामानंद सागर की रामायण 39 सालों बाद भी लोगों के जहन में जिंदा है. टीवी के इतिहास में इस शो ने व्यूअरशिप के मामले में भी माइलस्टोन क्रिएट किया है. इसमें दिखा हर किरदार स्टार बना. कई दशक बीत गए, लेकिन मजाल है उनकी लोकप्रियता टस से मस हुई हो. लीड कलाकारों के अलावा रामायण शो में जामवंत बने एक्टर श्रीकांत राजशेखर उपाध्याय ने भी खूब शोहरत बटोरी.
उन्होंने पूरे शो में वानर का गेटअप लेकर काम किया. उनका असली चेहरा और पहचान छिपी रही, ना उनके एक्सप्रेशंस किसी को दिखे, ना हाव भाव का पता चला, सिर्फ अपनी दमदार आवाज और डायलॉग डिलीवरी के बलबूते जनता को अपना मुरीद बनाया. जानते हैं सालों बाद वो कहां हैं और क्या कर रहे हैं.
कैसे रामायण शो में मिला था रोल?
फैंस के पसंदीदा श्रीकांत यूपी के भदोही जिले के रहने वाले हैं. उनके गांव का नाम हरिहरपुर बताया जाता है. बचपन से वो एक्टिंग लाइन में जाना चाहते थे. बनारस में पढ़ाई के दौरान वहां की रामलीला में हिस्सा लिया. फिर नाटकों में दिखने लगे. अपने एक पुराने इंटरव्यू में श्रीकांत ने बताया था कि बनारस में थियेटर प्रोग्राम के दौरान रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर ने उन्हें नोटिस किया. वो एक्टर से बेहद इंप्रेस हुए.
फिर क्या था, श्रीकांत की किस्मत चमक गई. उन्हें शो 'विक्रम और बेताल' के लिए साइन किया गया. रामायण की कास्टिंग के दौरान उन्हें पहले विभीषण के रोल के लिए साइन किया गया था. बाद में उनका जामवंत बनना तय हुआ. इस रोल में उनकी कास्टिंग की वजह थी उनकी दमखम से भरी आवाज.
एक्टिंग छोड़ क्या कर रहे श्रीकांत?
जामवंत के किरदार से मिली पॉपुलैरिटी के बाद वो जय हनुमान, महाभारत, अदालत जैसे कई शोज में दिखे. लेकिन दर्शकों के दिलों से उनकी जामवंत की छवि कोई नहीं हटा सका. अब वो एक्टिंग से दूर सादी जिंदगी जीते हैं. जानकारी के मुताबिक, कोविड के दौरान वो अपने गांव लौटे और फिर मायानगरी में वापस नहीं लौटे. वहां पर वो राम कथा का प्रचार करते. कथा में शामिल होते. बीते दिनों उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो प्रेमानंद महाराज के दर्शन करते हुए दिखे थे.
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