कम ही टीवी एक्टर हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से निकलकर फिल्मों और ओटीटी स्पेस में अपनी पहचान बनाई है. विशाल वशिष्ठ भी उन्हीं में से एक हैं. CA बनने निकला ये हीरो आज एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में धाक जमा रहा है. नेटफ्लिक्स की सीरीज ग्लोरी ने विशाल ने पुलिस इंस्पेक्टर अरविंद शेखावत का रोल प्ले किया है. अपने काम के लिए वो फैंस और क्रिटिक्स से तारीफें बटोर रहे हैं. शो में पुलकित सम्राट, दिव्येंदु और सुविंदर विक्की जैसे कलाकारों के बीच वो अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे.
ग्लोरी को मिल रही सक्सेस से विशाल बेहद खुश हैं. उन्हें लगता है मेकर्स और टीम की मेहनत रंग लाई है. आजतक डॉट इन संग बातचीत में विशाल ने अपने रोल, करियर स्ट्रगल और स्टीरियोटाइप टीवी हीरो की इमेज ब्रेक करने के साथ अपनी पर्सनल लाइफ पर भी बात की.
चॉकलेटी बॉय की इमेज से रौबदार इंस्पेक्टर अरविंद शेखावत का रोल कितना चैलेंजिंग था?
अगर आपको कैमरा के सामने आना है और दूसरी लाइफ को दिखाना है वो चैलेंजिंग ही है. जहां तक टीवी की बात है. उस वक्त टीवी की वही जरूरत है. उन्हें चॉकलेटी, भोला भाला या बॉय नेक्स्ट डोर की इमेज चाहिए थी. तब मैंने वैसे रोल किए. लेकिन अंदर कहीं ना कहीं तैयारी चल रही थी कि कोई अलग किरदार मिलेगा तो खुद को उसके लिए रेडी रखूं. इसी लूप में ना फंस जाऊं. मेरी लगातार प्रैक्टिस चालू थी. क्या रोल करना है, वो तो प्रैक्टिस करने पर पता चलता है. लेकिन कैसे करना है, किस डायरेक्शन में जाना है, इसकी ही प्रैक्टिस चल रही थी. इसलिए वर्कशॉप करते हैं.
पुलकित, दिव्येंदु संग काम का एक्सपीरियंस कैसा था?
दोनों के साथ काम का एक्सपीरियंस शानदार था. पुलकित भाई को हमने बचपन से देखा है. 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से उन्हें स्टारडम मिला, फिर फुकरे में छाए. वहीं दिव्येंदु भाई की फिल्मों से लेकर मुन्नाभाई तक की जर्नी रही. अब उनके साथ काम करके जाना कि ये भी किरदार ही प्ले कर रहे हैं. उनकी दिक्कतें भी ह्यूमन हैं. वो भी स्क्रिप्ट तैयार करके आते हैं. फिर भी हम सीन को बेहतर बनाने की प्रैक्टिस करते हैं. सबको डाउट होता है. हम बैठे, हमने लाइफ के बारे में बात की. उन्होंने मुझे कंफर्टेबल फील कराया.
टीवी इंडस्ट्री में वीरा, गंगा जैसे शोज कर फेमस हुए. अपनी चॉकलेटी और सॉफ्ट हीरो की इमेज को अरविंद शेखावत में कैसे ट्रांसफॉर्म किया?
मैंने खुद को ओवर एक्सपोज नहीं किया. ना ही सोशल मीडिया पर. मैंने ऐसा कुछ जानबूझकर नहीं किया. मैं थोड़ा इंट्रोवर्ट हूं. मैं फेस टू फेस बात करता हूं. वो मेरे लिए फायदमेंद साबित हुआ. किसी ने मुझे टीवी एक्टर के तौर पर नहीं देखा. मुझे एक्टर ही समझा. टीवी एक्टर वाला स्ट्रगल रियल होता है. लेकिन वो मेरे साथ कभी नहीं हुआ. मेरा वेब सीरीज और डिजिटल प्लेटफॉर्म में ट्रांजिशन धीरे-धीरे हुआ.
टीवी से फेम मिलने के बाद भी बैक टू बैक शो साइन नहीं किए. अपनी सक्सेस को क्यों नहीं कैश किया?
थोड़ी प्लानिंग तो लगती है. मैं सब कुछ एकसाथ नहीं करता हूं. जो करता हूं तमीज से करता हूं. मुझे अपना पर्सनल स्पेस ज्यादा पसंद है.
2021 में इश्क में मरजावां 2 के बाद से टीवी पर नहीं दिखे हैं. वापस लौटने का इरादा है?
ये टीवी शो पर डिपेंड करेगा. स्क्रिप्ट कैसी है. मैंने टीवी से दूरी बनाई थी क्योंकि जैसी स्क्रिप्ट मेरे पास आ रही थी वो मैं कर चुका था. टीवी को देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं बचा था. टीवी भी मुझे खास और बेहतरीन ऑफर नहीं कर रहा था. मैं बेटर स्टोरीटेलिंग की तरफ जाना चाहूंगा. मैं ऐड्स भी ज्यादा नहीं करता. जब कुछ बहुत अच्छा ऐड मिलता है वो करता हूं. आखिर में क्रिएटिव संतुष्टि जरूरी है. अगर टीवी मुझे ऐसा कुछ उम्दा ऑफर करेगा तो यकीनन मुझे इस मीडियम पर लौटकर खुशी होगी.
एक्टर्स रियलिटी शोज की तरफ भाग रहे हैं. आप अभी तक इससे दूर क्यों हैं?
हां, मैं रियलिटी शोज से दूर रहता है. मेरी अपनी रियलिटी है. मैं प्रोफेशनल, पर्सनल को मिक्स नहीं करना चाहता. मुझे नहीं लगता मैं रियलिटी शो में फिट बैठूंगा. ना ही मैं इन्हें देखता हूं. मैं इसका हिस्सा नहीं बनना चाहता.
सिंकदर और द डिप्लोमैट में दिखे. जॉन अब्राहम और सलमान संग सेट पर कैसा माहौल रहता था?
जॉन अब्राहम स्वीट हैं. रीडिंग के वक्त वो काफी एक्साइटेड रहते हैं. हम क्या कर रहे हैं, सेट पर क्या हो रहा है, वो हमसे पूछते थे, ये क्या है. लाइफ में बताओ क्या चल रहा है, मुझे और बताओ. तब लगता है सच में हम साथ में शूट कर रहे हैं. वरना तो कई रिश्ते शूट के बाद रहते हैं कुछ नहीं. आइडिया बस इतना है कि सेट पर बिताया समय अच्छा रहे. द डिप्लोमैट शानदार मूवी थी. सिकंदर के सेट पर कई दोस्त बने. सलमान सर हेक्टिक शेड्यूल में शूट कर रहे थे. उन्हें काफी चोट लगी, तब भी वो ऑनसेट थे. वो इंस्पायरिंग हैं. मेरी सेट पर उनसे 2 बार कुछ मिनटों के लिए बात हुई थी, उसकी पहल भी उन्होंने ही की थी.
एक एक्टर का घर बैठना कैसा होता है? एक फेज था जब एक्सीडेंट के बाद आपके जबड़े में फ्रैक्चर हुआ था. 2 महीने घर पर बैठे रहे थे.
वो वक्त मुश्किल था. जैसे ही मेरा एक्सीडेंट हुआ था, मैं स्ट्रैचर पर था. पहले लोकल नर्सिंग होम में था, तभी मैं सोच रहा था आगे क्या करना है. लेकिन आपको खुद पर भरोसा रखना होगा. लेकिन मैं समझता हूं, जिस एक्टर को घर पर 7-8 महीने बैठना पड़े, वो मुश्किल हो जाता है. तभी कई सारे एक्टर्स इनकम का दूसरा सोर्स बना रहे हैं. ये अच्छी चीज है. एक्टिंग के लिए पैशन अच्छा है. लेकिन अगर बस पैसों के लिए एक्टिंग करोगे, क्रिएटिव संतुष्टि नहीं मिलेगी तो एक दिन एक्टिंग के लिए प्यार मर जाएगा, वो मैं बिल्कुल नहीं चाहता.
CA बनने की प्लानिंग में एक्टर बन गए. करियर को लेकर कभी रिग्रेट फील किया? पहला ब्रेक कैसे मिला?
मुझे लाइफ में किसी चीज का पछतावा नहीं है. सीए भी बस इसलिए कर रहा था क्योंकि सभी दोस्त वही कर रहे थे, लेकिन मुझे जल्दी एहसास हो गया था कि मैं इसके लिए नहीं बना हूं. सीए मेरी चॉइस नहीं थी. 8-10 महीनों के बाद एक्टिंग फील्ड को एक्सप्लोर करने की ठानी. 3 महीने का बेसिक एक्टिंग कोर्स करने के बाद ज्यादा इंतजार नहीं किया. मुंबई में 1 महीने में 15-20 दिन ऑडिशन दिए, वो काम नहीं आए. घर लौटा, कॉलेज खत्म किया. तुरंत ऑडिशन का कॉल आया. कोलकाता से ही ऑडिशन दिया और सलेक्ट हो गया. शो साइन किया. मेरा कोई बैकअप प्लान नहीं था. इसलिए मुझे एक्टिंग फील्ड में ही कुछ करना था.
विशाल ने बताया ग्लोरी के बाद वो मूवी पति पत्नी और वो 2 में दिखेंगे. साल के सेकंड हाफ में उनके कुछ और प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं. वो इन प्रोजेक्ट्स के लिए काफी एक्साइटेड हैं.
हंसा कोरंगा