प्रेग्नेंसी में झेला दर्द-दोस्तों ने छोड़ा साथ, टूट गई थीं रुबीना, बोलीं- असली दोस्त कोई नहीं

रुबीना दिलैक ने अपने प्रेग्नेंसी के दिनों को याद कर एक दर्दनाक बात शेयर की है. उनका कहना है कि जब उन्हें अपने दोस्तों की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब वो सभी गायब हो गए थे. एक्ट्रेस ने बताया है कि उनके साथ हमेशा जन्नत जुबैर खड़ी रहीं.

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प्रेग्नेंसी को लेकर रुबीना का छलका दर्द (Photo: Instagram @rubinadilaik) प्रेग्नेंसी को लेकर रुबीना का छलका दर्द (Photo: Instagram @rubinadilaik)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

टीवी इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस रुबीना दिलैक जल्द खतरों का सामना करने वाली हैं. वो रोहित शेट्टी के स्टंट रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' में नजर आएंगी. शो की शूटिंग भी जल्द शुरू होने जा रही है, मगर उससे पहले सभी कंटेस्टेंट्स मीडिया से बात करते नजर आए हैं. 

रुबीना ने जूम संग बातचीत में अपनी प्रेग्नेंसी में आईं मुश्किलों को याद किया. एक्ट्रेस ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था. ऐसे समय में उन्हें अपने लोगों की सबसे ज्यादा जरूरत थी. पति अभिनव शुक्ला और परिवार के अलावा उन्हें अपने दोस्तों का भी सहारा चाहिए था. लेकिन एक्ट्रेस ने कहा कि उनके लिए कोई आगे नहीं आया, सब गायब हो गए. 

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दोस्तों ने दिया रुबीना को धोखा?

रुबीना दिलैक का अपने बेबाक अंदाज में कहना है- मेरा मतलब ये है कि क्या तुम अपने उस दोस्त के लिए सच में मौजूद थे? क्या तुम उसके साथ थे जब उसे जरूरत थी? तब मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास जितने भी दोस्त थे, उन सबके साथ मैं सिर्फ पार्टी करने, रील्स बनाने, स्टोरी डालने और मजेदार पोस्ट करने के लिए ही बाहर जाती थी.

'लेकिन उसी समय मुझे समझ आया कि ये दोस्ती सिर्फ सोशल मीडिया पर दिखावा करने के लिए थी. असल दोस्ती कहीं थी ही नहीं. ये रिश्ते सिर्फ संडाउनर और शाम की पार्टियों तक ही सीमित थे. जब मैं अंदर से बहुत परेशान थी और अपनी जिंदगी में कुछ बड़े बदलावों से गुजर रही थी, तब वो लोग कहीं दिखाई नहीं दिए. इससे मुझे समझ आ गया कि वो शुरू से ही मेरे सच्चे दोस्त नहीं थे.' 

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रुबीना आगे बताती हैं कि वो ये बात काफी समय के बाद समझ पाई थीं. अब वो उन लोगों को छोड़, जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं. एक्ट्रेस ने कहा, 'मेरी जिंदगी के इस खास दौर ने मुझे ये सब सिखा दिया. अब मैं खुश हूं कि मैं खुद ये बात देख पाई. मैं लोगों को अच्छे से जान पाई. भगवान ने मुझ पर कृपा की और मुझे कुछ विश्वसनीय लोग दिए हैं जो अब भी मेरे साथ हैं. उसमें से जन्नत जुबैर हैं. वो आज भी बिल्कुल वैसी है, जैसे मुझसे पहले मिली थी.'

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