धीरेंद्र शास्त्री के बुलावे पर प्रयागराज पहुंचे रामायण के ‘राम-सीता-लक्ष्मण’, झलक देखने उमड़ा भक्तों का सैलाब

प्रयागराज में हनुमंत कथा से पहले निकली भव्य कलश यात्रा में ‘रामायण’ की मशहूर तिकड़ी अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी नजर आए. उनके स्वागत में उमड़ी भारी भीड़, भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला. तीनों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बुलावे पर प्रयागराज में शिरकत की.

Advertisement
प्रयागराज में रामायण की स्टार कास्ट ने बांधा समा (Photo: PTI) प्रयागराज में रामायण की स्टार कास्ट ने बांधा समा (Photo: PTI)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

रामानंद सागर की रामायण की फेमस तिकड़ी अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी फिर एक बार साथ दिखाई दिए. प्रयागराज की सड़कों पर वो रथ में सवार लोगों का अभिवादन करते नजर आए. अरुण रामायण में श्रीराम, दीपिका- माता सीता, सुनील- लक्ष्मण की भूमिका निभाने के लिए फेमस है. तीनों को फैंस आज भी पूजते हैं. उन्हें साथ देखना लोगों के लिए किसी भक्ति से कम नहीं है.

Advertisement

ढोल-ताशे के बीच निकली शोभायात्रा 

अरुण-दीपिका-सुनील प्रयागराज में हुए कलश यात्रा के लिए साथ नजर आए. ये शोभायात्रा बागेश्वर धाम के मशहूर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की ओर से निकाली गई थी. लोगों ने उनपर फूलों की बारिश की और नमन किया. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तीन दिनों तक कथा का वाचन करेंगे. इस भव्य और दिव्य यात्रा की झलक दीपिका चिखलिया ने खुद दिखाई. 

वीडियो शेयर कर उन्होंने लिखा- प्रयाग जी पावन भूमि. वीडियो अरुण, दीपिका, सुनील सभी का हाथ जोड़कर नमस्कार करते दिखे. वहीं फैंस की बनाई स्केच पर ऑटोग्राफ्स भी दिए. 

प्रयागराज में 21 अप्रैल से शुरू होने वाली राष्ट्र हनुमंत कथा से पहले सोमवार को एक बहुत बड़ी और भव्य कलश यात्रा निकाली गई. इस यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं थीं. महिलाएं पीले कपड़े पहनकर सिर पर कलश रखे तेज धूप में भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ चल रही थीं.

Advertisement

ये यात्रा जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान से शुरू होकर नवग्रह मंदिर, रामबाग तक गई. रास्ते में मुंबई से आए ढोल-ताशा बजाने वाले कलाकारों की धुन पर लोग नाचते और झूमते नजर आए. पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया और हर तरफ जयकारे सुनाई दे रहे थे.

'राम-सीता' को देख उत्सुक हुए लोग

हालांकि, भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह से कई जगह स्थिति संभालना मुश्किल हो गया. सड़कों पर इतना ट्रैफिक बढ़ गया कि कई इलाकों में लंबा जाम लग गया और लोगों को परेशानी हुई. पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे और कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ को संभालना फिर भी चुनौतीभरा रहा. यात्रा शुरू होने से पहले ही भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई महिलाएं कलश लेकर खुद ही आगे बढ़ने लगीं. इसके अलावा घोड़ों पर सवार संतों ने भी यात्रा की शोभा बढ़ाई.

आयोजन समिति के मुताबिक, 21 से 23 अप्रैल तक नैनी के देवरख इलाके में गंगा किनारे होने वाली इस कथा में करीब 5 लाख से ज्यादा लोग आने की उम्मीद है. इस कथा का आयोजन प्रयाग उत्तम समिति कर रही है, जिसमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तीन दिनों तक हनुमंत कथा सुनाएंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement