केबीसी की पहली दिव्यांग विनर और गोल्डन गर्ल को CM Yogi से मिला सम्मान

3 फरवरी को गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह, सीएम योगी पहुंचे. यहां देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाने वाले कई दिव्यांग पहुंचे हुए थे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी का सम्मान किया.

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हिमानी बुंदेला, सीएम योगी, आदित्या हिमानी बुंदेला, सीएम योगी, आदित्या

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर,
  • 04 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

देश और विदेश में अपनी प्रतिभा के दम पर डंका बजाने वाली दिव्यांग हस्तियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान मिला. KBC Season 13 (केबीसी 13) की पहली दिव्यांग विजेता हिमानी बुंदेला सम्मान पाकर खुश हैं. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से बातचीत भी की और अपनी खुशी जाहिर की. हिमानी ने सीएम योगी को बताया कि वो तीन हजार दिव्यांग बच्चों की काउंसिलिंग कर चुकी हैं. बता दें कि 26 साल की हिमानी अपने नाम 'आगरा रत्न सम्मान' कर चुकी हैं. इसके अलावा जब वो केबीसी 13 की विजेता बनी थीं तो उन्हें एक करोड़ रुपये और लग्जूरी गाड़ी गिफ्ट में मिली थी. 

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सीएम योगी ने किया दिव्यांगजनों का सम्मान
3 फरवरी को गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह, सीएम योगी पहुंचे. यहां देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाने वाले कई दिव्यांग पहुंचे हुए थे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों सभी का सम्मान किया. तीन दिवसीय दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर हिमानी बुंदेला पहुंची थीं. वो अपनी मां और भाई के साथ आई थीं. हिमानी ने अपनी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स से की है.

26 साल की हिमानी बुंदेला ने सीएम योगी आदित्यनाथ से सम्मान पाने के बाद कहा- मैं यहां आकर काफी खुश हूं. ये दिव्यांगजनों के लिए गौरव का क्षण है. यहां पर आकर सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर अच्छा लग रहा है. मेरे जैसे दिव्यांगजनों को सहारे की नहीं, मंच की आवश्यकता है. मैं सीएम योगी आदित्यनाथ से इससे पहले तीन बार मिल चुकी हैूं.

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इसके अलावा इस मंच पर डेफलिंपिक चैंपियन आदित्या यादव (गोल्डन गर्ल) भी योगी आदित्यनाथ से मिली. सीएम से मिलने के बाद वो भी काफी खुश नजर आईं. आदित्या ने 13 साल की उम्र में 11 मेडल जीते हैं. इन्हें राष्ट्रपति से भी सम्मान मिल चुका है. आदित्य, बचपन से ही न बोल सकती हैं और न ही सुन सकती हैं. उसके बावजूद आदित्या ने देश का नाम रौशन किया है. तमाम चैंपियनशिप जीतकर माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है. हिमानी और आदित्या, दोनों से मिलकर वहां मौजूद लोग काफी कुश नजर आए. 

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