मुख्यमंत्री विजय के मंत्री दूर कर पाएंगे फिल्म इंडस्ट्री का क्राइसिस? उठ रहे काबिलियत पर सवाल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थलपति विजय के एक फैसले ने अब तमिल फिल्म इंडस्ट्री को दो हिस्सों में बांट दिया है. फिल्म तकनीक और सिनेमैटोग्राफ एक्ट मंत्रालय राजमोहन अरुमुगम को दिए जाने पर विशाल जैसे एक्टर्स सवाल उठा रहे हैं, जबकि राघव लॉरेंस विजय के फैसले के समर्थन में उतर आए हैं.

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मुख्यमंत्री विजय के मंत्री को लेकर क्यों छिड़ा विवाद? (Photo: Instagram/@actorlawrence) मुख्यमंत्री विजय के मंत्री को लेकर क्यों छिड़ा विवाद? (Photo: Instagram/@actorlawrence)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

सुपरस्टार थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने से तमिलनाडु की राजनीति पर जनता की नजरें भी खूब लगी हुई हैं. अब फिल्मों का सुपरस्टार राज्य का मुख्यमंत्री बन गया है, तो तमिल इंडस्ट्री को ये भी उम्मीदें हैं कि वो इंडस्ट्री के भले के लिए कुछ फैसले और सुधार करेंगे. हाल ही में विजय की सरकार में कैबिनेट मंत्रियों का चयन काफी चर्चा में रहा. लेकिन तमिलनाडु में फिल्म तकनीक और सिनेमैटोग्राफ एक्ट मंत्री चुने गए राजमोहन अरुमुगम को लेकर विवाद छिड़ गया है. विजय के इस फैसले को लेकर तमिल फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई है.

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तमिल फिल्म इंडस्ट्री का एक हिस्सा इस बात पर सवाल उठा रहा है कि विजय को सिनेमा से जुड़ा मंत्रालय किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपना चाहिए था, जो फिल्म इंडस्ट्री को अच्छे से समझता हो, जैसे खुद मुख्यमंत्री विजय. जबकि इंडस्ट्री का एक हिस्सा विजय के फैसले पर भरोसा रखकर थोड़ा सब्र करने की बात कह रहा है.

विजय के फैसले पर क्यों शुरू हुई बहस?
मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट अनाउंस होने के बाद जानेमाने तमिल एक्टर विशाल की पोस्ट से इस बहस की शुरुआत हुई. विशाल, साउथ इंडियन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी हैं. सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में विशाल ने लिखा, 'हम बिखर रही और सुधारों का इंतजार कर रही अपनी फिल्म इंडस्ट्री की समस्याएं किसी ऐसे व्यक्ति तक कैसे पहुंचाएंगे, जिसे इंडस्ट्री की समस्याओं और काम करने के तौर-तरीकों की जानकारी हमसे कम है या बिल्कुल नहीं है?'

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विशाल ने अपनी पोस्ट में ये भी इशारा किया कि उनकी राय में विजय को ये मंत्रालय अपने पास रखना चाहिए था क्योंकि वो '30 सालों से इस इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और इसकी जड़ों को समझते हैं.'

विशाल की तरह ही, राजमोहन अरुमुगम की नियुक्ति का विरोध कर रहे कई लोगों को लगा कि इस मंत्रालय से दूर रहकर विजय उसी फिल्म कम्युनिटी से दूरी बना रहे हैं, जिसने उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता दिखाया.

विशाल की बात में इसलिए वजन है क्योंकि तमिल इंडस्ट्री में अक्टूबर 2025 के बाद से बड़ी हिट्स नहीं आई हैं. ओटीटी डील्स के लालच में फिल्ममेकर्स थिएटर्स का नुकसान कर रहे हैं. स्टार्स की सैलरी का दबाव फिल्म प्रोडक्शन और प्रोड्यूसर्स को झेलना पड़ रहा है. टैक्स सिस्टम ऐसा है कि छोटे प्रोड्यूसर्स और कम बजट फिल्मों को जगह मिल पाना मुश्किल होता जा रहा है.

क्या कहती है दूसरी साइड?
जहां विशाल ने राजमोहन अरुमुगम की नियुक्ति पर सवाल उठाया, वहीं साउथ के टॉप फिल्ममेकर्स में से एक राघव लॉरेंस ने विजय के फैसले का समर्थन किया. विजय के अच्छे दोस्त माने जाने वाले राघव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'हमारे सम्मानित मुख्यमंत्री और दोस्त जोसेफ विजय ने ये फैसला बिना सोचे-समझे नहीं लिया होगा. हमें इसपर तुरंत रिएक्ट करने की बजाय थोड़ा वक्त देना चाहिए और अपना समर्थन जताना चाहिए.'

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राघव ने उम्मीद जताई कि राजमोहन तमिल फिल्म इंडस्ट्री के भले के लिए अपना बेस्ट जरूर देंगे. इसलिए उन्हें खुद को साबित करने का एक मौका तो दिया जाना चाहिए.

क्या सिनेमा से नहीं है राजमोहन अरुमुगम का कनेक्शन?
तमिलनाडु सरकार में फिल्म तकनीक और सिनेमैटोग्राफ एक्ट मंत्री बने राजमोहन अरुमुगम को लेकर कुछ विरोध भले सुनाई दे, लेकिन वो सिनेमा से बहुत दूर नहीं हैं. यूट्यूबर के तौर पर जबरदस्त पॉपुलर हुए राजमोहन टीवी रियलिटी शो जीतकर चर्चा में आए थे. वेल्लइल्ला पट्टाधारी 2 और नतपे थुनाई जैसी फिल्मों में राजमोहन ने सपोर्टिंग रोल निभाए हैं. बतौर डायरेक्टर उन्होंने फिल्म बाबा ब्लैक शीप (2023) से डेब्यू किया था.

विजय की पार्टी TVK में वो प्रोपेगेंडा सेक्रेटरी हैं और चुनाव अभियान में विजय के सपोर्ट सिस्टम में उनका रोल बहुत महत्वपूर्ण था. कम्युनिकेशन और नीतियां बनाने में राजमोहन एक्सपर्ट माने जाते हैं. उनकी यही खासियत उन्हें सिनेमा से जुड़ा मंत्रालय संभालने के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है क्योंकि उन्हें ऐसे मुख्यमंत्री के साथ काम करना है, जो खुद तमिल फिल्म इंडस्ट्री को बहुत अच्छे से जानते हैं. इस इंडस्ट्री के लिए सुधार की नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने में राजमोहन एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं.

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