ऑस्कर अवॉर्ड्स की घोषणा हर साल दुनिया भर के फिल्ममेकर्स और सिनेमा प्रेमियों के लिए खास होती है. ऑस्कर 2026 की नॉमिनेशन लिस्ट सामने आई, लेकिन इस बार जश्न के साथ-साथ निराशा भी देखने को मिली. भारतीय फिल्म ‘होमबाउंड’ के ऑस्कर की रेस से बाहर होने के बाद यह साफ हो गया कि इस साल भारत से कोई भी फिल्म अकैडमी अवॉर्ड जीतने की दौड़ में शामिल नहीं होगी. इससे बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा से जुड़े लोगों में मायूसी होना लाजमी है.
हालांकि, यह झटका सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. दुनिया के कई देशों की चर्चित और दमदार फिल्मों को भी इस बार ऑस्कर नॉमिनेशन में जगह नहीं मिल पाई, जबकि कुछ फिल्मों और कलाकारों की अचानक हुई एंट्री ने सबको चौंका दिया.
बड़ी जीत और बड़ी चूक
इस साल सबसे ज्यादा नामांकन पाने वाली फिल्मों में ‘One Battle After Another’ और ‘Sinners’ शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन्हीं में से कोई एक फिल्म बेस्ट पिक्चर का अवॉर्ड जीत सकती है. क्रिटिक्स के मुताबिक, यह सिलसिला ‘Oppenheimer’ और ‘Anora’ जैसी बेहतरीन फिल्मों की परंपरा को आगे बढ़ाता है.
लेकिन हर साल की तरह इस बार भी कई बड़ी फिल्मों को नजरअंदाज किया गया. म्यूजिकल फिल्म ‘Wicked: For Good’ को बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में जगह न मिलना कई लोगों के लिए हैरान करने वाला रहा. वहीं, जेम्स कैमरन की चर्चित फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘Avatar: Fire and Ash’ भी ऑस्कर की दौड़ से बाहर हो गई, जबकि बॉक्स ऑफिस पर इसने अरबों की कमाई की थी.
चौंकाने वाली एंट्रीज
जहां कुछ नाम गायब रहे, वहीं कुछ सरप्राइज एंट्रीज ने सबका ध्यान खींचा. जोसेफ कोसिंस्की की स्पोर्ट्स फिल्म ‘F1’ को बेस्ट पिक्चर में नामिनेशन मिलना कई लोगों के लिए सरप्राइजिंग था. इसी तरह डायरेक्टर जोआकिम ट्रियर को फिल्म ‘Sentimental Value’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर कैटेगरी में जगह मिली, जबकि उन्हें इस रेस में पिछड़ता हुआ माना जा रहा था.
एक्टिंग की बात करें तो केट हडसन को फिल्म ‘Song Sung Blue’ के लिए लीड एक्ट्रेस कैटेगरी में नामांकन मिला, जो उनकी लंबे समय बाद ऑस्कर में वापसी मानी जा रही है.
बड़े नाम, लेकिन नॉमिनेशन नहीं
इस बार कई दिग्गजों को भी निराशा हाथ लगी. गिलर्मो डेल टोरो की फिल्म‘Frankenstein’ को जगह मिली लेकिन इसके लिए बेस्ट डायरेक्टर में जगह नहीं मिली, जबकि इंडस्ट्री के कई बड़े नाम उनके सपोर्ट में थे. वहीं, ईरानी निर्देशक जाफर पनाही की फिल्म ‘It Was Just an Accident’ को बेस्ट पिक्चर और डायरेक्टर कैटेगरी में नजरअंदाज किया गया, जिसे कई लोग अकैडमी की बड़ी चूक मान रहे हैं.
भारत समेत कई देशों को मायूसी
भारतीय फिल्म ‘होमबाउंड’ के बाहर होने से यह साफ हो गया कि इस साल भारत की मौजूदगी ऑस्कर रेस में नहीं होगी. लेकिन भारत अकेला देश नहीं है. कई अंतरराष्ट्रीय फिल्में, जिनसे बड़ी उम्मीदें थीं, वे भी इस बार बाहर हो गईं. ऐसे में ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह मंच कितना रोमांचक है.
अब सबकी निगाहें 15 मार्च को होने वाले ऑस्कर अवॉर्ड समारोह पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सरप्राइज एंट्रीज इतिहास रचेंगी या पसंदीदा फिल्में जीत का परचम लहराएंगी.
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