सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गांधी हत्याकांड से जुड़ी फिल्म 'व्हाई आई किल्ड गांधी' के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को ये छूट दी कि वो हाईकोर्ट में अपनी अर्जी दाखिल कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि सीधे यहां आने से पहले हाईकोर्ट ही जाना चाहिए. हाईकोर्ट को भी संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत ऐसे मामले सुनने और न्याय करने का न्यायाधिकार है.
फिल्म रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की वो अपील स्वीकार कर ली जिसमें उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने की अनुमति दे देने की गुहार लगाई थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए अपील की गई थी कि फिल्म को सेंसर बोर्ड ने अभी मंजूरी नही दी है. इसके बावजूद फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की बात की जा रही है.
क्या ओटीटी पर रिलीज होगी फिल्म?
याचिका में ये भी कहा गया है कि OTT प्लेटफॉर्म सेंसर बोर्ड के दायरे से बाहर है. इसी का फायदा उठाते हुए उन प्लेटफॉर्म्स पर अनियमित और बिना सेंसर वाली सामग्री डाली जा रही है. लिहाजा कोर्ट सरकार को OTT प्लेटफॉर्म का नियमन रेगुलराइजेशन करने का आदेश दे.
याचिका के मुताबिक, यह फिल्म गांधी की राष्ट्रपिता वाली छवि को बदरंग करने और उसे खराब करने वाली है. ये फिल्म गांधी जी की छवि धूमिल कर नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करती है. फिल्म रिलीज करने का उद्देश्य सांप्रदायिक विद्वेष पैदा कर नफरत फैलाना और शांति भंग करना मात्र है. हांलाकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म रिलीज पर इतना विवाद हो रहा है. इससे पहले भी कई फिल्मों के टाइटल और कहानियों पर बवाल हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया. देखते हैं कि हाई कोर्ट इस पर क्या एक्शन लेगी.
संजय शर्मा