रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में लॉरेंस गैंग की साजिश डिकोड, शूटर को मिली तगड़ी रकम

रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. मेन शूटर दीपक शर्मा की गिरफ्तारी के बाद बिश्नोई गैंग की पूरी प्लानिंग सामने आई. आखिर कैसे ये हमला हुआ प्लान? जानें...

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सामने आई रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की प्लानिंग सामने आई रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की प्लानिंग

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी को मुंबई पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स से एक बड़ी राहत मिली है. उनके घर हुई फायरिंग में चारों आरोपियों को पकड़ा गया है. हरियाणा के बहादुरगढ़ से मेन शूटर दीपक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए, जिन्होंने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग को अंजाम दिया. 

लॉरेंस गैंग की फायरिंग प्लान का हुआ खुलासा

मेन शूटर दीपक शर्मा की गिरफ्तारी मुंबई पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स के जॉइंट ऑपरेशन की बदौलत हो पाई. इस गिरफ्तारी में कई खुलासे हुए हैं. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, बहादुरगढ़ से पकड़ा गया शूटर दीपक शर्मा विदेश में बैठे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई से सीधे संपर्क में था. 

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हरि और आरजू ने दीपक को रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग का टास्क दिया था. दीपक सोशल मीडिया के जरिए आरजू बिश्नोई के संपर्क में आया था. आरजू ने विदेश में बैठे-बैठे शुभम लोनकर, जो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांटेड है, उससे बातचीत करके रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का प्लान बनाया. दीपक को इस काम को करने के लिए 50 हजार रुपये मिले थे, जिसके बाद और पैसे देने का वादा भी किया गया था.

शूटर दीपक को मिली थी फायरिंग की मोटी रकम

शूटर दीपक सोनू और सन्नी के साथ मुंबई पहुंचा. सन्नी और सोनू ने रोहित शेट्टी के घर की रेकी की थी. जबकि दीपक शर्मा ने फायरिंग की. उन्हें विदेशी हथियार भी मिले हुए थे. प्लानिंग के दौरान भी फायरिंग विदेशी हथियार से ही हुई. एक और आरोपी ऋतिक यादव था, जो सन्नी और दीपक का कॉमन दोस्त था. ऋतिक सुपरवाइजर के रूप में हरियाणा में काम करता था. अब तक की जांच में पता चला है कि शूटर्स शुभम लोनकर से सीधे बात नहीं कर रहे थे.

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फायरिंग के बाद शूटर्स अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे. दिल्ली-एनसीआर के कुछ ठिकानों पर रुके, कुछ होटलों में भी ठहरे. फिर 4-5 दिन बाद बहादुरगढ़ में एक खेत के अंदर वाले ठिकाने पर रुके हुए थे. फिलहाल पकड़े गए चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस अपने साथ मुंबई लेकर आ रही है. जिस मामले में ये केस दर्ज है, उसके आरोपियों को अब आगे की जांच के लिए मुंबई की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम को दे दिया गया है. 

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